ओडिशा सरकार ने सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और स्वच्छ कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के लिए सख्त कदम उठाया है। अब राजस्व और तहसील कार्यालयों के भीतर पान, गुटखा, सिगरेट या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जारी निर्देशों के अनुसार यह नियम राज्य मुख्यालय से लेकर जिला और तहसील स्तर के सभी राजस्व कार्यालयों में समान रूप से लागू होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. अरविंद पाढ़ी ने पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद विभाग में अनुशासन लागू करने पर जोर दिया है। उन्होंने राजस्व प्रशासन को अधिक मजबूत, पारदर्शी और जनता-केंद्रित बनाने की दिशा में कई निर्देश जारी किए हैं।
नए दिशा-निर्देशों में यह भी शामिल है कि विभाग के सभी अधिकारी और कर्मचारी हर शुक्रवार को हैंडलूम (हाथकरघा) वस्त्र पहनेंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय परंपराओं और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है, साथ ही सरकारी दफ्तरों को समाज और संस्कृति से जोड़ना भी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ईमानदारी, निष्ठा और आम जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जनता से जुड़े मामलों में त्वरित और उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों का सरकारी व्यवस्था पर भरोसा मजबूत हो।
विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने का ऐलान किया है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि न केवल भ्रष्टाचार में शामिल अधिकारियों पर, बल्कि उसे बढ़ावा देने या समर्थन करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, विभाग की ओर से अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए 10 सूत्रीय दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनके संबंध में एक आधिकारिक सर्कुलर भी प्रसारित किया गया है। सरकार का मानना है कि इन कदमों से दफ्तरों में अनुशासन बढ़ेगा, कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी और आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।
