तुमकुर जिले में H5N1 वायरस (बर्ड फ्लू) का प्रकोप सामने आया है, जिससे अब तक करीब 40 मोरों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन ने इसकी पुष्टि करते हुए प्रभावित क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है।
डिप्टी कमिश्नर सुभा कल्याण के मुताबिक, जंगली पक्षियों—खासतौर पर मोरों—की मौत के बाद उनके सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे, जिनमें H5N1 वायरस की पुष्टि हुई। इसके बाद प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है।
🚫 कंटेनमेंट जोन और निगरानी
संक्रमण वाले इलाके के 10 किमी दायरे को कंटेनमेंट जोन बनाया गया
31 पोल्ट्री दुकानें और 10 फार्म चिन्हित
रैपिड रिस्पॉन्स टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं
⚠️ लोगों के लिए एडवाइजरी
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है:
केवल अच्छी तरह पका हुआ मांस ही खाएं
कच्चे या अधपके पोल्ट्री उत्पादों से बचें
मृत या बीमार पक्षियों से दूरी बनाए रखें
👉 प्रशासन ने साफ किया है कि घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी बेहद जरूरी है।
🦠 कितना खतरनाक है H5N1?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार:
यह वायरस मुख्य रूप से पक्षियों को संक्रमित करता है
दुर्लभ मामलों में इंसानों में भी फैल सकता है
संक्रमण गंभीर हो सकता है और मृत्यु दर भी अधिक हो सकती है
📍 पहले भी आ चुके हैं मामले
इससे पहले मार्च में बिलासपुर में भी बर्ड फ्लू के मामले सामने आए थे, जहां हजारों मुर्गियों की मौत के बाद कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे।
तुमकुर में बर्ड फ्लू का यह मामला वन्यजीव और पोल्ट्री दोनों के लिए चिंता का विषय है। समय रहते उठाए गए कदम संक्रमण को रोकने में अहम साबित हो सकते हैं, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहना जरूरी है।
