ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बड़ा और आक्रामक बयान दिया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है और वह इसे बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को ‘स्टील की दीवार’ बताते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी।
ट्रंप का ईरान पर तीखा हमला
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में ईरान की सैन्य और आर्थिक स्थिति पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने दावा किया कि ईरान की सैन्य क्षमता बुरी तरह कमजोर हो चुकी है और उसकी नौसेना तथा वायुसेना प्रभावी स्थिति में नहीं हैं।
ट्रंप ने ईरान की अर्थव्यवस्था को लेकर भी हमला बोला और देश में कथित तौर पर 300 प्रतिशत महंगाई का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ईरान के पास अब केवल फेक न्यूज और बयानबाजी रह गई है तथा वह पहले की तरह मध्य पूर्व में प्रभावशाली भूमिका निभाने की स्थिति में नहीं है।
हॉर्मुज पर क्यों है पूरी दुनिया की नजर?
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला यह संकरा जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा कारोबार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
दुनिया के तेल कारोबार का करीब पांचवां हिस्सा इसी समुद्री रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में हॉर्मुज में किसी भी सैन्य टकराव या जहाजों की आवाजाही में रुकावट का सीधा असर वैश्विक तेल कीमतों, समुद्री परिवहन और शिपिंग बीमा पर पड़ सकता है।
अमेरिका-ईरान के बीच लंबे समय से तनाव
ईरान और ओमान के बीच स्थित हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव रहा है। तेहरान की ओर से अतीत में कई बार संकेत दिए गए हैं कि उस पर सैन्य या आर्थिक दबाव बढ़ने की स्थिति में वह इस रणनीतिक समुद्री मार्ग को प्रभावित करने की क्षमता रखता है।
इसी संवेदनशीलता के चलते अमेरिका खाड़ी क्षेत्र में अपनी नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखता है। वॉशिंगटन का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर नौवहन की स्वतंत्रता और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
तनाव के बीच कूटनीतिक बातचीत भी जारी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत में हॉर्मुज में सामान्य समुद्री गतिविधियों को बनाए रखने और क्षेत्रीय तनाव कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा की जा रही है।
हालांकि, ट्रंप के ताजा बयान से यह संकेत मिलता है कि अमेरिका हॉर्मुज को लेकर अपनी स्थिति पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। यदि इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
