तेहरान। ईरान के मौजूदा सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अपने पिता और पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में सार्वजनिक रूप से शामिल नहीं होंगे। यह जानकारी भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि आयतुल्ला हाकिम इलाही ने दी है। उनके अनुसार, इजरायल की ओर से कथित सुरक्षा खतरों और निगरानी की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
इलाही ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मोजतबा खामेनेई का सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होना सुरक्षित नहीं माना गया है। इसी वजह से उन्होंने अंतिम संस्कार समारोह से दूरी बनाए रखने का निर्णय लिया है।
इस बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिका से इजरायल को नियंत्रित करने की अपील करते हुए कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा कि यदि इजरायल ईरान के नेतृत्व के खिलाफ किसी भी प्रकार की कार्रवाई करता है, तो उसका तत्काल और कड़ा जवाब दिया जाएगा।
अरागची ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर लिखा कि अमेरिका ने अपने सहयोगी इजरायल को नियंत्रित करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो ईरान अपने लोगों और नेतृत्व के खिलाफ किसी भी खतरे का सख्ती से जवाब देगा।
अरागची की प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है, जब मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कथित तौर पर कहा था कि मोजतबा खामेनेई इजरायल के निशाने पर हैं। साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि इजरायल ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा और यदि यह किसी समझौते के जरिए संभव हो सके तो उसे प्राथमिकता दी जाएगी।
इससे पहले 1 जुलाई को कतर की राजधानी दोहा में कतर और पाकिस्तान ने अमेरिका तथा ईरान के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें की थीं। इन बैठकों में 14 सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MoU) से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक प्रगति होने की जानकारी दी गई। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी के अनुसार, सभी पक्षों ने वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है और अली खामेनेई के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगली बैठक की तारीख तय की जाएगी।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम 4 जुलाई से 9 जुलाई तक ईरान और इराक के विभिन्न शहरों में आयोजित किए जाएंगे।
नोट: इस खबर में उल्लिखित अली खामेनेई की मृत्यु, मोजतबा खामेनेई के सर्वोच्च नेता बनने तथा उनसे जुड़े अन्य घटनाक्रम दावों के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं। इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और ये व्यापक रूप से स्थापित सार्वजनिक तथ्यों से भिन्न हो सकते हैं।
