भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन का पर्व हर वर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उसकी लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं, जबकि भाई जीवनभर उनकी रक्षा का संकल्प लेते हैं।
पंचांग के अनुसार श्रावण पूर्णिमा तिथि:
आरंभ: 27 अगस्त 2026, सुबह 9:08 बजे
समापन: 28 अगस्त 2026, सुबह 9:48 बजे
उदयातिथि के आधार पर रक्षा बंधन का पर्व शुक्रवार, 28 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक
इस दिन भद्रा सूर्योदय से पहले ही समाप्त हो जाएगी, इसलिए सुबह से ही राखी बांधना शुभ रहेगा।
रक्षा बंधन के प्रमुख शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: 4:28 AM – 5:12 AM
प्रातः संध्या: 4:50 AM – 5:57 AM
अभिजीत मुहूर्त: 11:56 AM – 12:48 PM
विजय मुहूर्त: 2:31 PM – 3:22 PM
गोधूलि मुहूर्त: 6:47 PM – 7:10 PM
सायं संध्या: 6:47 PM – 7:54 PM
अमृत काल: 7:44 PM – 9:23 PM
शुभ चौघड़िया
चर: 5:57 AM – 7:33 AM
लाभ: 7:33 AM – 9:10 AM
अमृत: 9:10 AM – 10:46 AM
शुभ: 12:22 PM – 1:58 PM
चर: 5:11 PM – 6:47 PM
लाभ: 9:35 PM – 10:59 PM
रक्षा बंधन के दिन मनाए जाएंगे ये पर्व
वरलक्ष्मी व्रत
गायत्री जयंती
नारली पूर्णिमा
संस्कृत दिवस
श्रावण पूर्णिमा
चंद्र ग्रहण का क्या होगा प्रभाव?
रक्षा बंधन के दिन चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा।
ग्रहण प्रारंभ: सुबह 6:55 बजे
ग्रहण समाप्त: दोपहर 12:30 बजे
हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए इसका रक्षा बंधन के पर्व या राखी बांधने के शुभ मुहूर्त पर कोई प्रभाव नहीं माना जाएगा।
इस प्रकार, रक्षा बंधन 2026 का पर्व 28 अगस्त (शुक्रवार) को मनाया जाएगा और सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधना सबसे शुभ रहेगा।
