कासरगोड: केरल के कासरगोड में एक सरकारी स्कूल के शिक्षक को क्विज में वीर सावरकर की कथित प्रशंसा वाला सवाल शामिल करने के आरोप में सस्पेंड किए जाने के बाद राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। शिक्षक की पहचान गुरु प्रसाद के रूप में हुई है। उनके निलंबन के विरोध में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शिक्षा मंत्री शम्सुद्दीन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जानकारी के मुताबिक, गुरु प्रसाद की अगुवाई वाली एक समिति ने स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े एक क्विज का आयोजन किया था। आरोप है कि क्विज में शामिल एक सवाल में वीर सावरकर की प्रशंसा की गई थी।
सवाल सामने आने के बाद मुस्लिम लीग और CPM की ओर से समिति के खिलाफ विरोध जताया गया। आरोप लगाया गया कि इस तरह के सवालों के जरिए राज्य में RSS की विचारधारा को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
विवाद बढ़ने के बाद शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने शिक्षक गुरु प्रसाद के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
शिक्षक के निलंबन के फैसले के खिलाफ भाजपा ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को जब शिक्षा मंत्री शम्सुद्दीन एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कासरगोड पहुंचे, तो भाजपा नेताओं ने उनके खिलाफ प्रदर्शन और नारेबाजी की।
प्रदर्शन में एडवोकेट BL अश्विनी समेत कई भाजपा नेता शामिल हुए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया।
भाजपा ने शिक्षक के निलंबन को गलत बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि जब तक गुरु प्रसाद का निलंबन रद्द नहीं किया जाता, तब तक सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
केरल में इस समय ‘वंदे मातरम्’ को लेकर भी राजनीतिक विवाद चल रहा है। राज्य के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा की ओर से जारी एक सर्कुलर में स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का पूरा गीत गाने का निर्देश दिया गया है।
इस निर्देश पर CPI(M) ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली केरल सरकार पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि राज्य सरकार संघ परिवार के राजनीतिक एजेंडे के आगे झुक रही है।
इस तरह सावरकर से जुड़े क्विज विवाद और ‘वंदे मातरम्’ को लेकर जारी बहस ने केरल में शिक्षा, राष्ट्रवाद और राजनीतिक विचारधारा से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
