कोलंबो: श्रीलंका में विपक्ष के वरिष्ठ नेता और श्रीलंका पोडुजाना पेरामुना (SLPP) के महासचिव सागर करियावासम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पुलिस प्रमुख प्रियंथा वीरासुरिया के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने और उन्हें धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए सेंट्रल क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो बुलाया था, जहां पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक, करियावासम को पुलिस प्रमुख प्रियंथा वीरासुरिया के बारे में सार्वजनिक रूप से की गई टिप्पणियों के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के बाद अधिकारियों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
करियावासम प्रभावशाली राजपक्षे परिवार के नेतृत्व वाली SLPP के महासचिव हैं। उनकी गिरफ्तारी से श्रीलंका में विपक्ष और सरकार के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
विवाद पिछले सप्ताह उस समय शुरू हुआ था, जब करियावासम ने SLPP मुख्यालय में आयोजित एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (IGP) प्रियंथा वीरासुरिया पर गंभीर आरोप लगाए थे।
उन्होंने IGP पर सरकार के ‘गुर्गे’ के तौर पर काम करने का आरोप लगाया था और उनसे सरकार के बजाय देश और जनता की सेवा करने को कहा था। पुलिस ने इन्हीं सार्वजनिक टिप्पणियों को धमकी और आपत्तिजनक बयान से जोड़ते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
करियावासम की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है, जब श्रीलंका में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कई कानूनी मामले चल रहे हैं। विपक्षी दल SLPP ने सरकार पर अपने राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने और ‘विच हंट’ यानी राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
पार्टी का कहना है कि पिछले दो वर्षों में विपक्ष से जुड़े कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं और कुछ को दोषी भी ठहराया जा चुका है।
इस बीच श्रीलंका में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक अन्य बड़ा मामला भी चर्चा में है। 2019 के ईस्टर संडे आतंकी हमलों के मामले में श्रीलंका पुलिस के पूर्व प्रमुख पुजित जयसुंदरा और रक्षा मंत्रालय के तत्कालीन शीर्ष अधिकारी हेमासिरी फर्नांडो को मौत की सजा सुनाई गई है।
अदालत ने दोनों अधिकारियों को पहले से मिली खुफिया चेतावनियों के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करने का दोषी माना। अदालत के अनुसार, अगर चेतावनियों पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो हमलों को रोका जा सकता था।
21 अप्रैल 2019 को श्रीलंका के चर्चों और लग्जरी होटलों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार आत्मघाती बम धमाके किए गए थे। इन हमलों में 279 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 45 विदेशी नागरिक भी शामिल थे। दोनों पूर्व अधिकारियों को इसी मामले में 2019 में गिरफ्तार किया गया था।
सागर करियावासम की गिरफ्तारी ने श्रीलंका में एक बार फिर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक तनाव तथा पुलिस कार्रवाई को लेकर बहस तेज कर दी है।
