
नई दिल्ली: चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्षी गठबंधन के सांसदों के विरोध मार्च से पहले बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पात्रा ने कहा कि बीजेपी की मदद मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार नहीं, बल्कि गणेश जी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमारी मदद ज्ञानेश जी नहीं कर रहे हैं, हमारी मदद गणेश जी कर रहे हैं। बुद्धि, विद्या, ज्ञान और विवेक के देवता गणेश जी बीजेपी की मदद कर रहे हैं।”
‘जनता जानती है किसे वोट देना है’
संबित पात्रा ने फॉर्म-6 से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की जनता के पास बुद्धि, विवेक और ज्ञान है। उन्होंने दावा किया कि जनता यह समझती है कि परिवारवाद, भ्रष्टाचार और आतंकवादियों के साथ खड़े होने वालों को वोट नहीं देना है।
पात्रा ने कहा कि जो लोग कैप्टन स्मित के लिए एक ट्वीट तक नहीं कर सकते, उन्हें वोट नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को ऐसे व्यक्ति को वोट देना चाहिए जिसने कहा है कि “मैं देश नहीं झुकने दूंगा।”
फॉर्म-6 के मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरा
बीजेपी नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग से जुड़ी सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी।
पात्रा के मुताबिक, सोमवार को अदालत की ओर से फैसला और नोटिस जारी किए जाने के बाद राहुल गांधी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के अनुसार Form-6 में बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के लिए इसके साथ एक घोषणापत्र जोड़ा गया है।
‘संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रही कांग्रेस’
संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी पिछले कुछ महीनों से लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले भारतीय सेना, सुप्रीम कोर्ट, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, हिंदुओं और ईवीएम को लेकर सवाल उठाए गए और अब चुनाव आयोग को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने आशंका जताई कि कांग्रेस विपक्षी दलों के साथ मिलकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर सकती है। पात्रा ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस लंबे समय से उन्हें लॉन्च और री-लॉन्च करने की कोशिश कर रही है, लेकिन सफलता नहीं मिलने के बाद अब लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है।
चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का प्रदर्शन
इस बीच विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध मार्च निकाला। उनका प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की मांग को लेकर था।
संसद मार्ग से निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे विपक्षी सांसदों को पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कई सांसद सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन करने लगे और बाद में नीति आयोग के कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन कर रहे कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में भी लिया गया।
इसी दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाद्रा कुछ अन्य समर्थकों के साथ आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। विपक्षी सांसदों का यह प्रदर्शन चुनाव आयोग के खिलाफ उनकी लगातार जारी राजनीतिक मुहिम का हिस्सा है।

