
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर सवाल उठाया है। फ्लोरिडा में एक रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान संघर्ष समेत दुनिया में कुल आठ युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार नहीं दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रोकने के लिए उन्होंने दोनों देशों पर 250 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी।
‘व्यापार बंद करने की धमकी दी थी’, ट्रंप का दावा
रैली के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया था कि यदि दोनों देशों के बीच लड़ाई जारी रही तो उन्हें अमेरिका के साथ व्यापार करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों पर 250 प्रतिशत तक भारी टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी।
ट्रंप ने दावा किया कि उनकी चेतावनी का असर हुआ और दोनों देशों के बीच संघर्ष रोकने पर सहमति बन गई। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान 11 विमान गिराए गए थे। हालांकि, भारत ने विमान गिराए जाने से जुड़े उनके दावों को खारिज किया है और सीजफायर में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार किया है।
भारत ने ट्रंप के दावों को किया खारिज
नोबेल शांति पुरस्कार का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्होंने आठ युद्ध रुकवाए, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पुरस्कार नहीं मिला। वह पहले भी कई बार अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को सुलझाने में अपनी भूमिका का दावा कर चुके हैं।
वहीं, भारत का रुख इस मामले में लगातार स्पष्ट रहा है। भारत ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर सहमति दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क के माध्यम से बनी थी। भारत के अनुसार, पाकिस्तान के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) ने अपने भारतीय समकक्ष से संपर्क कर सैन्य कार्रवाई रोकने का आग्रह किया था। भारत ने इस प्रक्रिया में किसी बाहरी हस्तक्षेप की भूमिका से इनकार किया है।
7 मई 2025 को शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर
भारत ने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इस हमले में पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। भारत ने इसके बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए कार्रवाई की थी।
भारत ने कहा था कि इस अभियान का उद्देश्य पहलगाम हमले से जुड़े आतंकी ढांचे को निशाना बनाना था। कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ गयाऔर पाकिस्तान की ओर से भी जवाबी हमले की कोशिशें हुईं।
सीजफायर को लेकर भारत का अलग रुख
भारत के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हुईं और तनाव बढ़ गया। अंततः 10 मई 2025 को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति बनी।
भारत ने लगातार कहा है कि सीजफायर का फैसला दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया था। दूसरी ओर, ट्रंप इस घटनाक्रम को अपनी कूटनीतिक सफलता बताते रहे हैं। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष में अमेरिकी भूमिका और नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर बहस तेज कर दी है।

