
दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की ट्रेन के अंदर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने वाले दो पोस्टर मिलने से हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने दोनों पोस्टर जब्त कर लिए हैं और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इन्हें ट्रेन के अंदर किसने लगाया और इसके पीछे क्या मकसद था। मामले की जांच में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल भी शामिल हो गई है।
ट्रेन के अंदर मिले दो पोस्टर, QR कोड से जुड़ने का न्योता
जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन की एक ट्रेन के अंदर दो पोस्टर चिपके हुए मिले थे। इन पोस्टरों में सरकार के कामकाज और पिछले वर्षों में देश में हुए बदलावों को लेकर सवाल उठाए गए थे। एक पोस्टर पर क्यूआर कोड भी लगा हुआ था, जिसे स्कैन करके लोगों को एक ऑनलाइन व्हाट्सऐप कम्युनिटी से जुड़ने के लिए कहा गया था।
दूसरे पोस्टर में पिछले 12 वर्षों के दौरान देश में हुए बदलावों को लेकर नौ दावे किए गए थे। इनमें महिलाओं के खिलाफ अपराध, मॉब हिंसा, पुलिस हिरासत में मौतें, सरकारी प्रचार पर खर्च, रुपये की कीमत में गिरावट और रोजगार जैसे मुद्दे शामिल थे। पोस्टर के जरिए सरकार की नीतियों और योजनाओं पर सवाल उठाए गए थे।
ट्रेन ऑपरेटर ने अधिकारियों को दी सूचना
बताया गया है कि ट्रेन ऑपरेटर तरुण चौधरी ने ट्रेन के अंदर पोस्टर देखकर तुरंत अपने वरिष्ठ अधिकारियों और ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) को इसकी जानकारी दी। इसके बाद दोनों पोस्टर द्वारका सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशन के कंट्रोलर को सौंप दिए गए।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पोस्टरों को अपने कब्जे में ले लिया और शिकायत के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस घटना के सामने आने के बाद मेट्रो प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गईं।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने इस मामले में दिल्ली प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट, 2007 और मेट्रो रेलवे (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) एक्ट, 2002 के तहत एफआईआर दर्ज की है।
फिलहाल किसी भी आरोपी की पहचान सार्वजनिक नहीं हुई है। पुलिस पोस्टरों पर मौजूद सामग्री, क्यूआर कोड और ऑनलाइन कम्युनिटी से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पोस्टर लगाने के पीछे किसका हाथ है और क्या इस गतिविधि में एक से अधिक लोग शामिल थे।
हाल ही में दिल्ली मेट्रो में पकड़ा गया था संदिग्ध यात्री
इससे पहले दिल्ली मेट्रो के जामा मस्जिद स्टेशन पर भी एक संदिग्ध यात्री को लेकर मामला सामने आया था। जानकारी के अनुसार, बैगेज चेकिंग के दौरान एक्स-रे मशीन की स्क्रीन पर एक संदिग्ध और घनी वस्तु दिखाई दी थी। इसी दौरान यात्री ने वहां से भागने की कोशिश की, लेकिन केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवानों ने पीछा कर उसे एग्जिट गेट के पास पकड़ लिया।
जांच के दौरान यात्री के अंडरगारमेंट के सिले हुए हिस्से में एक अज्ञात पदार्थ छिपा हुआ मिला था। यात्री ने खुद को कुआलालंपुर में रहने वाला एनआरआई बताया था। इसके बाद उसे सामान सहित आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया था।
दिल्ली मेट्रो में पोस्टर मिलने की ताजा घटना के बाद पुलिस की जांच जारी है। अधिकारियों का मुख्य ध्यान पोस्टर लगाने वालों की पहचान करने, क्यूआर कोड से जुड़े नेटवर्क की पड़ताल करने और घटना के पीछे की मंशा का पता लगाने पर है।

