
ओडिशा की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। गंजाम जिले के हिंजिली विधानसभा क्षेत्र में नवीन पटनायक के ‘गुमशुदा’ होने के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर सामने आने के बाद राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी बीजू जनता दल (BJD) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। इस मामले ने राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पोस्टर किसने लगाए और इसके पीछे किसका हाथ है।
जानकारी के मुताबिक, गंजाम जिले के हिंजिली इलाके में पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के गुमशुदा होने के पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टर में उन्हें लापता बताया गया है। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इस मामले को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान अभी सामने नहीं आई है। न ही किसी ने इसकी जिम्मेदारी ली है।
दरअसल, नवीन पटनायक हिंजिली विधानसभा सीट से विधायक हैं। इस इलाके में चक्रवात के बाद बाढ़ और अन्य समस्याओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ था। ऐसे में उनकी कथित गैरमौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। चर्चा है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में उनकी अनुपस्थिति को लेकर नाराजगी जताने के लिए ये पोस्टर लगाए गए होंगे। हालांकि, पोस्टर के पीछे की असली वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
गौरतलब है कि इस साल ओडिशा को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ा था। राज्य में करीब 13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए थे। सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए 1,000 करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा भी की थी।
नवीन पटनायक के गुमशुदा पोस्टर सामने आने के बाद बीजेपी और बीजेडी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री की अपने विधानसभा क्षेत्र में मौजूदगी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। वहीं, बीजेडी अपने नेता के बचाव में सामने आई है।
फिलहाल, यह साफ नहीं है कि पोस्टर किसी राजनीतिक संगठन ने लगाए हैं या स्थानीय लोगों ने अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए ऐसा किया है। लेकिन इस घटना ने ओडिशा में बीजेपी और बीजेडी के बीच राजनीतिक टकराव को एक नया मुद्दा जरूर दे दिया है।

