नई दिल्ली।
दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस की ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ रैली के दौरान राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई। कांग्रेस ने रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और RSS प्रमुख मोहन भागवत को पार्टी का तीन मुख्य ‘दुश्मन’ बताया।
रैली में कांग्रेस ने बीजेपी पर तीखी टिप्पणियाँ कीं और दावा किया कि पार्टी 5 करोड़ हस्ताक्षर लेकर मैदान में आई। राहुल गांधी ने भाषण में कई डायलॉगबाज़ी भरे बयान दिए। इस दौरान कुछ कार्यकर्ता विरोधी नेताओं के खिलाफ विवादित नारे लगाते भी दिखे।
बीजेपी ने कांग्रेस के नेतृत्व और नेहरू परिवार की तुलना मुगल वंश से की। पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस का भविष्य वही होगा जो मुगल साम्राज्य का था – यानी इतिहास के पन्नों में दफन।
त्रिवेदी ने कहा, “मुगल साम्राज्य में छह शासकों ने शासन किया – बाबर, हुमायूं, अकबर, जहांगीर, शाहजहां और औरंगजेब। इसी तरह नेहरू परिवार के छह सदस्य कांग्रेस पर शासन कर चुके हैं, और राहुल गांधी छठे सदस्य के रूप में सत्ता में हैं। कांग्रेस का वही हश्र होगा जो मुगलों का हुआ।”
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता रैली में जाते समय ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ जैसे नारे लगाते दिखे। बीजेपी प्रवक्ता ने इसे अराजकता और नफरत भरे एजेंडे के तहत किया गया कार्य बताया।
कांग्रेस की रैली में सिर्फ पार्टी के नेता ही शामिल रहे; किसी अन्य INDI अलायंस के दल को न्योता नहीं दिया गया। इस रैली के बाद राष्ट्रीय राजधानी में सियासी बयानबाज़ी और तेज हो गई है।
