भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। Pushkar Singh Dhami ने विधानसभा में कहा कि Uttarakhand को हाल के वर्षों में वित्तीय प्रबंधन, राजकोषीय अनुशासन और सुशासन के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पारदर्शी वित्तीय नीतियों, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टि के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में NITI Aayog द्वारा जारी फिस्कल हेल्थ इंडेक्स 2026 (रिपोर्ट 2023-24) में उत्तराखंड के वित्तीय प्रबंधन की सराहना की गई है। इस रिपोर्ट में उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि राज्य में राजस्व वृद्धि, व्यय की गुणवत्ता में सुधार, घाटा प्रबंधन और ऋण प्रबंधन के क्षेत्र में अपनाई गई सुदृढ़ नीतियों का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय अनुशासन के क्षेत्र में भी उत्तराखंड ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। अरुण जेटली फाइनेंशियल मैनेजमेंट रिपोर्ट में भी हिमालयी राज्यों की श्रेणी में उत्तराखंड को Arunachal Pradesh के बाद दूसरा स्थान मिला है, जो राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था और उत्तरदायी शासन प्रणाली को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि Comptroller and Auditor General of India की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार ने Fiscal Responsibility and Budget Management Act के तहत निर्धारित मानकों का पूरी तरह पालन किया है। राज्य ने राजस्व अधिशेष (Revenue Surplus) की स्थिति बनाए रखी है और राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) की निर्धारित सीमा के भीतर रखा है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाते हुए विकास की गति को तेज करना है। इसके लिए सरकार वित्तीय अनुशासन के साथ बुनियादी ढांचे, सामाजिक क्षेत्र और रोजगार सृजन से जुड़े क्षेत्रों में संतुलित निवेश कर रही है।
उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य करते हुए राज्य सरकार उत्तराखंड को आर्थिक रूप से सुदृढ़, आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
