चित्रदुर्ग। कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में बुधवार तड़के एक दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया, जब बेंगलुरु से शिवमोग्गा जा रही एक प्राइवेट स्लीपर बस सड़क पर चलती-चलती आग का गोला बन गई। हादसे में 12 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि 20 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, एनएच-48 पर हिरियूर के पास एक तेज रफ्तार लॉरी अचानक डिवाइडर पार कर बस से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस के इंजन हिस्से में तुरंत आग भड़क उठी। कुछ ही पलों में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।
बस में सवार यात्री गहरी नींद में थे। आग लगते ही अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री खिड़कियां तोड़कर बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन धुएं और लपटों के बीच कई लोग अंदर ही फंस गए। जब तक लोग मदद के लिए आगे आते, बस पूरी तरह धू-धू कर जल चुकी थी।
घायल कंडक्टर मोहम्मद सलीम ने अस्पताल में बताया,
“मैं सो रहा था। अचानक धमाके जैसी आवाज आई और शीशा टूट गया। मैं बाहर गिर पड़ा। उसके बाद कुछ याद नहीं… लोग मुझे अस्पताल लेकर आए।”
घायलों को हिरियूर और चित्रदुर्ग के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनमें अधिकांश को गहरी जलने की चोटें आई हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि लॉरी चालक की लापरवाही से यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब सड़कें सुरक्षित होंगी और कब तक लापरवाही मासूम जिंदगियां निगलती रहेगी।
