लंदन: जेफरी एपस्टीन से जुड़ी नई फाइलों के जारी होने के बाद ब्रिटिश शाही परिवार में एक बार फिर बड़ा संकट पैदा हो गया है। किंग चार्ल्स III ने अपने छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को उनके आधिकारिक आवास रॉयल लॉज (विंडसर) से हटा दिया है। यह फैसला उन्हीं नवीन दस्तावेजों के प्रकाश में आने के तुरंत बाद लिया गया, जिनमें एंड्रयू और एपस्टीन के रिश्ते को लेकर नए सबूत सामने आए हैं।
30 कमरों वाला रॉयल लॉज विंडसर ग्रेट पार्क में स्थित है और 2003 से एंड्रयू का निवास स्थान रहा है। हाल ही में आए एपस्टीन फाइलों में एंड्रयू और एपस्टीन के बीच ईमेल, तस्वीरें और अन्य दस्तावेज़ शामिल हैं। इनमें से कुछ में यह भी दावा किया गया है कि 2010 में एपस्टीन की हाउस अरेस्ट के तुरंत बाद एंड्रयू ने उन्हें बकिंघम पैलेस में डिनर के लिए आमंत्रित किया था। इन खुलासों ने एंड्रयू पर पहले से ही लगे आरोपों के खिलाफ दबाव और बढ़ा दिया है।
किंग चार्ल्स ने अक्तूबर 2025 में ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए एंड्रयू की सभी शाही उपाधियाँ, जिसमें “प्रिंस” का दर्जा भी शामिल था, छीन लिया था। इसके साथ ही उन्हें रॉयल लॉज की लीज छोड़ने का औपचारिक नोटिस जारी किया गया था। उस समय यह कहा गया था कि यह कदम एपस्टीन से जुड़ी विवादास्पद परिस्थितियों और आरोपों की वजह से उठाया गया।
नवीन एपस्टीन फाइलों में एंड्रयू के खिलाफ नए सबूत सामने आने के बाद थेम्स वैली पुलिस नई शिकायतों की जांच भी कर रही है। दस्तावेजों और तस्वीरों के आधार पर आरोपों पर पुनर्विचार की मांग तेज हो गई है, और कुछ अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों तथा पीड़ितों के वकीलों ने कहा है कि एंड्रयू को जांच में गवाही देनी चाहिए।
4 फरवरी 2026 की रात को एंड्रयू ने रॉयल लॉज को ‘स्टेल्थ’ तरीके से खाली कर दिया, जिससे मीडिया का ध्यान कम रहे। मूविंग वैन की तस्वीरें और विवरण के अनुसार उन्हें किंग चार्ल्स के निजी सैंड्रिंघम एस्टेट (नॉरफ़ॉक) में स्थानांतरित किया गया है। फिलहाल वे वुड फार्म कॉटेज में अस्थायी रूप से रह रहे हैं, जबकि उनके स्थायी घर मार्श फार्म में मरम्मत चल रही है। यह निवास रॉयल लॉज की तुलना में काफी छोटा और साधारण है।
यह घटना एक बार फिर ब्रिटिश राजशाही की प्रतिष्ठा पर प्रश्न चिन्ह लगाती है। किंग चार्ल्स ने पहले ही एपस्टीन पीड़ितों के प्रति समर्थन जताते हुए कहा था कि ऐसे आरोपों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। एंड्रयू ने बार-बार इन आरोपों का खंडन किया है, लेकिन अब नए दस्तावेजों ने बहस को और उग्र कर दिया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि एंड्रयू का शाही जीवन अब लगभग समाप्त हो चुका है।
एपस्टीन फाइल्स का यह नया अध्याय लंबे समय तक ब्रिटिश शाही महल और सार्वजनिक बहस में गूंजता रहेगा।
