आगामी चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित ढंग से संचालित करने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में पुलिस, परिवहन, पर्यटन और प्रशासनिक अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
हर वर्ष की भांति इस बार भी ऋषिकुल ग्राउंड में चारधाम यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। यहां जर्मन हैंगर युक्त टेंट लगाया जाएगा, जिसमें 20 पंजीकरण काउंटर संचालित होंगे। पंजीकरण सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा।
पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने बताया कि अस्थायी पंजीकरण केंद्र में यात्रियों की सुविधा के लिए बिजली, पानी, पंखे, शौचालय और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिलाधिकारी ने भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए होल्डिंग एरिया चिह्नित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्भागीय परिवहन अधिकारी को ऋषिकुल मैदान में ट्रिप कार्ड, ग्रीन कार्ड और वाहन संबंधी समस्याओं के समाधान हेतु हेल्प डेस्क स्थापित करने को कहा।
धामों में अधिक भीड़ या वीकेंड के दौरान यात्रियों के ठहराव के लिए धर्मशालाओं और आश्रमों का चिन्हीकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने नगर निगम को पंजीकरण केंद्र और होल्डिंग एरिया में शौचालय व मोबाइल टॉयलेट की पर्याप्त व्यवस्था करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्साधिकारी को यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के लिए पंजीकरण केंद्र पर स्वास्थ्य शिविर लगाने को कहा गया।
नगर मजिस्ट्रेट को निर्देशित किया गया कि होटलों और रेस्टोरेंट में सिलेंडर के स्थान पर गैस पाइपलाइन से आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाए। साथ ही बस स्टैंड पर बदरीनाथ और केदारनाथ जाने वाली बसों की संख्या बढ़ाने के लिए परिवहन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था से जुड़ी महत्वपूर्ण यात्रा है, इसलिए सभी विभाग समयबद्ध तैयारी सुनिश्चित करें, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।
