मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरान पर संयुक्त हवाई हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, जिनमें कतर भी शामिल है।
सूत्रों के मुताबिक, कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे की ओर ईरान ने मिसाइलें दागीं, जिसके बाद कई तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, कतर के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने पहले से स्वीकृत सुरक्षा योजना के तहत कार्रवाई करते हुए कई मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया।
कतर के गृह मंत्रालय ने कहा कि इस हमले में किसी भी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है। एहतियातन नागरिकों को संदिग्ध वस्तुओं से दूर रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
ईरानी हमले के बाद कतर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इस कार्रवाई को देश की संप्रभुता का “खुला उल्लंघन” बताया और इसकी कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि कतर क्षेत्रीय विवादों से खुद को अलग रखने की नीति पर चलता है और उसने हमेशा ईरान के साथ शांतिपूर्ण संवाद का समर्थन किया है।
कतर ने स्पष्ट किया कि उसे निशाना बनाए जाने का कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं है और वह अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।
मिसाइल हमले के बाद कतर के हवाई क्षेत्र को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ा। राष्ट्रीय विमानन कंपनी Qatar Airways ने अपने दोहा हब से सभी उड़ानें अस्थायी रूप से निलंबित कर दीं। एयरलाइन ने कहा कि वह प्रभावित यात्रियों के साथ समन्वय कर रही है, हालांकि उड़ानों की बहाली कब होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
