मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब खाड़ी देशों में भी साफ दिखाई देने लगा है। 1 मार्च को सामने आई सैटेलाइट इमेज में दुबई की तस्वीर बदली हुई नजर आ रही है। जहां 24 फरवरी तक शहर की चमकती सड़कों और ऊंची इमारतों की तस्वीरें दिख रही थीं, वहीं नई तस्वीरों में आसमान में काले धुएं के गुबार उठते दिखाई दे रहे हैं।
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर सैकड़ों ड्रोन और मिसाइलें दागीं। बताया जा रहा है कि दुबई के एयर डिफेंस सिस्टम ने अधिकांश हमलों को हवा में ही नाकाम कर दिया, लेकिन इंटरसेप्ट की गई मिसाइलों के मलबे से शहर के कुछ इलाकों में नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुर्ज अल अरब और पाम जुमेराह जैसे प्रतिष्ठित इलाकों के आसपास मलबा गिरने से नुकसान की खबरें हैं। स्थानीय निवासियों ने रात में तेज धमाकों और आसमान में इंटरसेप्टर मिसाइलों की चमक देखने की बात कही है।
दुबई मीडिया कार्यालय ने बयान जारी कर कहा है कि पुरानी आगजनी की फुटेज को वर्तमान हालात से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जा रहा है। कार्यालय ने चेतावनी दी है कि भ्रामक या फर्जी सामग्री साझा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स ने बाद में अपनी पोस्ट हटा ली हैं।
स्थिति को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात मानव संसाधन मंत्रालय ने निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मंगलवार तक वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी है। रविवार तक शहर में असामान्य शांति का माहौल देखा गया, हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं।
गौरतलब है कि यह तनाव उस बड़े हमले के बाद शुरू हुआ, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबरें सामने आईं। इसके बाद ईरान ने इजरायल और उन खाड़ी देशों को निशाना बनाया, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे, तो इसका व्यापक असर क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। फिलहाल खाड़ी क्षेत्र में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
