वॉशिंगटन। अमेरिका के शीर्ष सैन्य अधिकारी Dan Caine ने कहा है कि लड़ाई के पहले दिन की तुलना में ईरान की ओर से दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या में 86 प्रतिशत की कमी आई है। पेंटागन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में ही इसमें 23 प्रतिशत की अतिरिक्त गिरावट दर्ज की गई है।
जनरल केन के मुताबिक, ईरान की ओर से किए जा रहे ड्रोन हमलों में भी शुरुआती दिनों की तुलना में 73 प्रतिशत कमी आई है। यह गिरावट उस संयुक्त सैन्य अभियान के बाद देखी गई है, जिसे अमेरिका और Israel ने शनिवार से शुरू किया है। इस अभियान को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ नाम दिया गया है।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि इन हमलों से Iran की मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करने की क्षमता काफी कमजोर हो गई है।
जनरल केन ने बताया कि अब तक ईरान 500 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें और 2,000 से ज्यादा ड्रोन दाग चुका है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए एयर डिफेंस की बड़ी चुनौती थी।
हालांकि अब अमेरिकी सेना ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को सीधे निशाना बना रही है, ताकि क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों और सहयोगी देशों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके।
कुछ विशेषज्ञों ने चिंता जताई थी कि अमेरिका और उसके सहयोगियों के पास एयर डिफेंस इंटरसेप्टर की कमी हो सकती है। इस पर जनरल केन और अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ कहा कि अमेरिका के पास हमला और बचाव—दोनों के लिए पर्याप्त सटीक हथियार और गोला-बारूद उपलब्ध है।
हेगसेथ ने कहा कि ईरान की आक्रामक क्षमता और अमेरिका की रक्षात्मक ताकत के बीच का अंतर हर दिन बढ़ता जा रहा है।
अमेरिकी सेना अब ईरान के भीतर गहराई तक कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली को काफी कमजोर कर दिया गया है, जिससे अमेरिकी विमानों को अंदरूनी ठिकानों पर हमले में आसानी हो रही है।
अमेरिका ने संकेत दिए हैं कि सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को पूरी तरह निष्क्रिय नहीं कर दिया जाता।
