Ministry of External Affairs ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को चीन द्वारा कथित मदद दिए जाने संबंधी रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सामने आई जानकारियां उन तथ्यों की पुष्टि करती हैं जिनकी जानकारी भारत को पहले से थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि Operation Sindoor पहलगाम आतंकी हमले का सटीक, लक्षित और संतुलित जवाब था। इसका उद्देश्य उस आतंकी ढांचे को खत्म करना था, जो पाकिस्तान से संचालित और प्रायोजित बताया गया।
मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि अब यह उन देशों पर निर्भर करता है जो स्वयं को जिम्मेदार मानते हैं कि वे आत्मचिंतन करें कि आतंकवादी ढांचे की रक्षा करने वाले प्रयासों का समर्थन उनकी वैश्विक साख और प्रतिष्ठा को प्रभावित करता है या नहीं।
भारत की यह प्रतिक्रिया उस समय आई है जब चीन की ओर से पहली बार पाकिस्तान को तकनीकी सहायता देने की बात सार्वजनिक रूप से सामने आई है।
South China Morning Post की रिपोर्ट के अनुसार, चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित एक इंटरव्यू में Zhang Heng ने कहा कि उनकी टीम ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान कर रही थी।
उन्होंने बताया कि उनकी जिम्मेदारी लड़ाकू विमानों और संबंधित सिस्टम को युद्ध के लिए तैयार रखना था।
रिपोर्ट के मुताबिक, Pakistan Air Force चीन में बने Chengdu J-10 J-10CE लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल करती है। इन विमानों का निर्माण Aviation Industry Corporation of China (AVIC) की सहयोगी कंपनी करती है।
भारत की ओर से इससे पहले भी संकेत दिए गए थे कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को बाहरी तकनीकी और सैन्य सहायता मिल रही थी।
भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ Rahul Singh ने जुलाई 2025 में दावा किया था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी।
अब चीनी मीडिया में सामने आए बयानों के बाद इस मुद्दे पर चर्चा और तेज हो गई है।
भारत ने साफ संकेत दिए हैं कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई को लेकर उसका रुख पहले की तरह सख्त बना रहेगा और किसी भी प्रकार के बाहरी समर्थन को गंभीरता से देखा जाएगा।
