Donald Trump ने ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी मीडिया पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने दावा किया कि कुछ मीडिया संस्थान ऐसी तस्वीर पेश कर रहे हैं मानो Iran युद्ध में अच्छा प्रदर्शन कर रहा हो, जबकि उनके अनुसार ईरानी सैन्य क्षमता पूरी तरह तबाह हो चुकी है।
ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए दिया। उन्होंने मीडिया पर ईरान को “झूठी उम्मीद” देने और दुश्मन की मदद करने का आरोप लगाया।
ट्रंप ने कहा, “जब फेक न्यूज यह कहती है कि ईरान सैन्य रूप से हमारे खिलाफ अच्छा कर रहा है, तो यह लगभग देशद्रोह जैसा है। यह पूरी तरह झूठ है।”
उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना के 159 जहाज समुद्र में डूब चुके हैं और अब उसके पास प्रभावी नौसैनिक ताकत नहीं बची है।
ट्रंप के मुताबिक ईरान की वायुसेना, सैन्य तकनीक और नेतृत्व भी खत्म हो चुका है तथा देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है।
चीन रवाना होने से पहले मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष को “शांति से या किसी भी तरीके से” जीत जाएगा।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह Xi Jinping से ईरान मामले में सहयोग की उम्मीद कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि अमेरिका को किसी बाहरी मदद की जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने कहा, “ईरान सैन्य रूप से हार चुका है। या तो वे सही फैसला करेंगे या हम बाकी काम पूरा कर देंगे।”
उन्होंने ईरान पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी को “100 प्रतिशत प्रभावी” भी बताया।
वहीं Abbas Araghchi ने अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वॉशिंगटन पर भरोसे की कमी ही शांति स्थापित होने में सबसे बड़ी बाधा है।
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान में नॉर्वे के उप-विदेश मंत्री के साथ बैठक के दौरान अराघची ने कहा कि अमेरिका के हालिया कदमों ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ट्रंप और शी जिनपिंग की संभावित वार्ता पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि मध्य पूर्व की स्थिति, वैश्विक ऊर्जा बाजार और सुरक्षा मुद्दे इस बैठक के प्रमुख विषय हो सकते हैं।
