Mamata Banerjee गुरुवार को वकील की पोशाक में Calcutta High Court पहुंचीं। जानकारी के मुताबिक, वह पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े एक जनहित याचिका (PIL) मामले में अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखेंगी।
यह मामला Kalyan Banerjee के बेटे शिर्षान्या बनर्जी द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस Sujoy Paul की पीठ के समक्ष हो रही है। माना जा रहा है कि सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी चुनाव प्रक्रिया और हिंसा से जुड़े कई पहलुओं पर सवाल उठा सकती हैं।
बताया जा रहा है कि All India Trinamool Congress लगातार चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोप लगा रही है। पार्टी का कहना है कि एसआईआर प्रक्रिया के जरिए कई मतदाताओं को मतदान से वंचित किया गया और मतगणना में भी अनियमितताएं हुईं। ममता बनर्जी इससे पहले भी एसआईआर से जुड़े मुद्दे पर Supreme Court of India में वकील के रूप में दलील पेश कर चुकी हैं।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम 4 मई को घोषित हुए थे। चुनाव परिणाम आने के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा और झड़पों की खबरें सामने आई थीं। सोशल मीडिया पर तृणमूल कांग्रेस कार्यालयों पर हमलों के वीडियो भी वायरल हुए थे। टीएमसी ने आरोप लगाया था कि राज्य में अराजकता का माहौल बनाया जा रहा है और पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
विधानसभा चुनाव में Bharatiya Janata Party को 207 सीटों के साथ बड़ी जीत मिली, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद Suvendu Adhikari ने 9 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
चुनाव में हार के बाद से ममता बनर्जी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। उन्होंने चुनाव परिणामों को लेकर कई बार सवाल उठाए और दावा किया कि उनकी पार्टी के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल में भी खुद को पूर्व मुख्यमंत्री लिखने के बजाय केवल अपने कार्यकाल और पार्टी अध्यक्ष के रूप में उल्लेख किया है।
