व्यापारी राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर अब सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार, 14 जुलाई को सुनवाई होगी। फिलहाल अदालत ने सोनम की जमानत बरकरार रखी है।
राजा रघुवंशी की मई 2025 में शादी के बाद वह पत्नी सोनम के साथ हनीमून के लिए मेघालय गए थे। इसी दौरान राजा लापता हो गए थे और बाद में उनका शव एक गहरी खाई से बरामद हुआ। इस मामले में सोनम और अन्य आरोपियों पर हत्या का आरोप है।
सोनम ने खुद को बताया बेगुनाह
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में सोनम रघुवंशी ने खुद को निर्दोष बताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें इस मामले में झूठा फंसाया गया है और अभियोजन पक्ष का पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है।
सोनम ने अदालत को बताया कि इस मामले में उनसे कोई बरामदगी बाकी नहीं है। चार्जशीट पहले ही दाखिल हो चुकी है और वह अदालत की शर्तों के अनुसार शिलांग में रह रही हैं। ऐसे में उनके द्वारा सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है।
मेघालय सरकार ने जमानत का किया विरोध
पिछली सुनवाई में केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि हाई कोर्ट ने एक टाइपो एरर के आधार पर जमानत दे दी। उनका कहना था कि आरोपपत्र में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103 की जगह गलती से 403 लिख दिया गया था और इसी त्रुटि को जमानत का आधार बनाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था?
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि चूंकि सोनम रघुवंशी रिहा हो चुकी हैं, इसलिए फिलहाल उनकी जमानत पर रोक लगाने का कोई कारण नहीं है। अदालत ने मेघालय सरकार की याचिका पर सोनम को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि वह पहले ट्रायल की प्रगति देखेगी। अब इस मामले में अगली सुनवाई 14 जुलाई को होगी।
