केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की एथेनॉल नीति को लेकर सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में मनीष कश्यप समेत चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ महाराष्ट्र के नागपुर में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर साइबर पुलिस ने यह कार्रवाई नागपुर बीजेपी सोशल मीडिया सेल की शिकायत के बाद की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कुछ वीडियो के माध्यम से नितिन गडकरी के एथेनॉल संबंधी बयानों का गलत संदर्भ प्रस्तुत किया गया, जिससे उनकी छवि धूमिल करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया।
इस मामले में जिन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें:
मनीष कश्यप (बिहार)
देसी ब्राइट
हर्षिता राठी
अंकलेश इन्वाते
शामिल हैं।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वीडियो में लोगों के इंटरव्यू और टिप्पणियों को इस तरह पेश किया गया, जिससे समाज में भ्रम और अशांति फैल सकती है।
नागपुर के सह पुलिस आयुक्त नवीनचंद्र रेड्डी ने बताया कि शिकायत के आधार पर आईटी एक्ट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और उनमें की गई टिप्पणियों की भी पड़ताल होगी।
पुलिस के अनुसार, मामले में अलग-अलग राज्यों के लोग शामिल हैं और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बीते कुछ महीनों से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए जा रहे हैं कि इससे वाहनों के इंजन पर प्रतिकूल असर पड़ता है। हालांकि, सरकार इन दावों को पहले ही खारिज कर चुकी है और उसका कहना है कि निर्धारित मानकों के अनुसार एथेनॉल मिश्रित ईंधन सुरक्षित है। इसी पृष्ठभूमि में कथित भ्रामक सामग्री साझा किए जाने के आरोपों की जांच की जा रही है।
