धर्मनगरी हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के दौरान मंगलवार को आस्था, सेवा और सम्मान का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरकी पैड़ी से कांवड़ यात्रा मार्ग तक हेलीकॉप्टर से शिवभक्त कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। इसके बाद अलकनंदा होटल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने पांच कांवड़ियों का चरण प्रक्षालन कर सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवा शिविर का उद्घाटन भी किया। उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं को त्वरित उपचार, दवाइयों और अन्य चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होंने कांवड़ियों के बीच पहुंचकर अपने हाथों से भोजन भी परोसा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार का संकल्प है कि देवभूमि आने वाले प्रत्येक शिवभक्त को सुरक्षित, सुगम और सम्मानजनक वातावरण मिले। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक एक करोड़ से अधिक कांवड़िये गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ मास्टर प्लान जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि देश की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को नई पहचान मिल रही है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन निगरानी, एंबुलेंस, स्वास्थ्य शिविर और आपातकालीन सहायता की व्यापक व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान अनुशासन और मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, स्वच्छता कर्मियों, पर्यावरण मित्रों और स्वयंसेवी संस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से ही इतनी विशाल यात्रा का सफल संचालन संभव हो पाता है।
इस अवसर पर कांवड़ यात्रा के सफल संचालन में योगदान देने वाले पांच पुलिसकर्मियों और पांच पर्यावरण मित्रों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में संत-महात्माओं, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ियों ने भाग लिया।
