मानेसर: देश की सुरक्षा व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने बड़ी पहल की है। मानेसर स्थित NSG ट्रेनिंग अकादमी में पहली बार महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स (MCCC) शुरू किया गया है। इस प्रशिक्षण में राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की महिला कर्मियों को विशेष कमांडो ट्रेनिंग दी जा रही है।
24 अगस्त से 14 नवंबर तक चलेगा प्रशिक्षण
यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 24 अगस्त से 14 नवंबर 2026 तक चलेगा। 12 सप्ताह के इस कठिन प्रशिक्षण का उद्देश्य महिला जवानों को शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ उन्हें अत्यधिक प्रशिक्षित और ऑपरेशनल रूप से सक्षम कमांडो के रूप में तैयार करना है।
प्रशिक्षण के दौरान महिला कर्मियों को फिजिकल कंडीशनिंग, हथियार संचालन, सटीक निशानेबाजी, इंटरवेंशन स्किल्स, बंधक बचाव अभियान और आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की ट्रेनिंग दी जा रही है।
ऑपरेशन के लिए तैयार होंगी महिला कमांडो
NSG की इस पहल का उद्देश्य केवल महिलाओं की शारीरिक और पेशेवर क्षमता बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल माहौल के लिए तैयार करना भी है, जहां तेजी से निर्णय लेने, साहस और उच्च स्तर की कमांडो दक्षता की जरूरत होती है।
बदलते सुरक्षा परिदृश्य और आतंकवाद की नई चुनौतियों के बीच महिला कर्मियों को विशेष कमांडो प्रशिक्षण देना राष्ट्रीय सुरक्षा में नारी शक्ति की भूमिका बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
देशभर में NSG के रीजनल हब
NSG का मुख्यालय हरियाणा के मानेसर में है। इसके अलावा मुंबई, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता और गांधीनगर में रीजनल हब स्थापित किए गए हैं। इनका उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षा बल की तेज प्रतिक्रिया क्षमता (Rapid Response) को मजबूत बनाए रखना है।
‘सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा’ है NSG का आदर्श वाक्य
NSG का आदर्श वाक्य ‘सर्वत्र सर्वोत्कृष्ट सुरक्षा’ है। आतंकवाद विरोधी अभियानों, बंधक बचाव और अन्य अत्यंत संवेदनशील सुरक्षा अभियानों में यह देश की प्रमुख विशेष सुरक्षा बलों में शामिल है।
महिला कमांडो कन्वर्जन कोर्स की शुरुआत से सुरक्षा बलों में महिलाओं को अत्याधुनिक कमांडो प्रशिक्षण और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशनल जिम्मेदारियों के लिए तैयार करने का रास्ता और मजबूत होने की उम्मीद है।
