
सावन और अन्य व्रतों में साबूदाना खिचड़ी, वड़ा, चीला और खीर खूब खाई जाती है। लेकिन अगर आपको दिल की बीमारी है तो क्या साबूदाना खाना सुरक्षित है? डॉक्टर बिमल छाजेर के अनुसार, साबूदाना सीधे तौर पर हार्ट के लिए नुकसानदायक नहीं है, लेकिन इसे बहुत हेल्दी फूड भी नहीं माना जा सकता।
🥣 साबूदाने में क्या होता है?
साबूदाना मुख्य रूप से स्टार्च और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन और फाइबर की मात्रा काफी कम होती है। इससे शरीर को जल्दी ऊर्जा मिल सकती है, लेकिन लंबे समय तक पेट भरा रखने और संतुलित पोषण देने के मामले में यह बेहतर विकल्प नहीं है।
❤️ क्या हार्ट मरीज साबूदाना खा सकते हैं?
हार्ट मरीज कभी-कभार सीमित मात्रा में साबूदाना खा सकते हैं। साबूदाने में कोलेस्ट्रॉल नहीं होता, लेकिन इसमें रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है। इसलिए ज्यादा मात्रा में खाने से कैलोरी बढ़ सकती है और वजन नियंत्रित रखना मुश्किल हो सकता है।
खासकर जिन लोगों को डायबिटीज या वजन बढ़ने की समस्या है, उन्हें साबूदाना खाते समय ज्यादा सावधानी रखनी चाहिए।
🥕 साबूदाने को हेल्दी कैसे बनाएं?
सिर्फ साबूदाने की खिचड़ी खाने के बजाय इसमें पोषक तत्वों वाले खाद्य पदार्थ मिलाए जा सकते हैं:
गाजर
शिमला मिर्च
अन्य व्रत-अनुकूल सब्जियां
सीमित मात्रा में मूंगफली/नट्स
प्रोटीन का उपयुक्त स्रोत, यदि व्रत में अनुमत हो
साथ ही साबूदाना वड़ा और डीप-फ्राइड साबूदाना टिक्की की तुलना में कम तेल में बनी खिचड़ी बेहतर विकल्प हो सकती है।
✅ हार्ट मरीजों के लिए बेहतर विकल्प
रोजमर्रा की डाइट में साबूदाने की जगह ज्वार, रागी, बाजरा जैसे साबुत अनाज अधिक फायदेमंद हो सकते हैं, क्योंकि इनमें फाइबर और दूसरे पोषक तत्व अधिक होते हैं।
निष्कर्ष: हार्ट मरीज को साबूदाना पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे कम मात्रा में और संतुलित तरीके से खाना बेहतर है। अगर आपको हार्ट disease के साथ डायबिटीज, हाई LDL या वजन की समस्या भी है, तो अपनी व्यक्तिगत डाइट के लिए डॉक्टर/डायटिशियन की सलाह लें।

