कोच्चि: कोच्चि से अबू धाबी जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को सोमवार को उड़ान के बीच से ही वापस कोच्चि लौटना पड़ा। विमान जब करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, उस दौरान क्रू को एक इंजन में तेल का स्तर तेजी से कम होने की जानकारी मिली। स्थिति को देखते हुए क्रू ने एक इंजन बंद करने का फैसला लिया और विमान की कोच्चि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
इंजन नंबर-1 में तेजी से कम हो रहा था तेल
जानकारी के मुताबिक एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX 415 कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी। उड़ान के करीब 50 मिनट बाद पायलट और को-पायलट ने इंजन नंबर-1 में तेल का स्तर तेजी से कम होते हुए देखा।
तेल का दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंचने के बाद क्रू ने एहतियात के तौर पर इंजन नंबर-1 को बंद कर दिया। इसके बाद विमान को अबू धाबी ले जाने के बजाय वापस कोच्चि लाने का फैसला किया गया।
36 हजार फीट की ऊंचाई पर लिया गया फैसला
सूत्रों के मुताबिक जब विमान में यह समस्या सामने आई, उस समय विमान करीब 36,000 फीट की ऊंचाई पर था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए फ्लाइट क्रू ने FORDEC यानी Structured Decision-Making मॉडल का इस्तेमाल किया।
विमान में तेल का स्तर लगातार कम होता जा रहा था। ऐसे में क्रू ने स्थिति का आकलन करने के बाद अबू धाबी की यात्रा जारी नहीं रखने का फैसला किया। विमान को वापस कोच्चि लाया गया और एयरपोर्ट पर उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई।
यात्रियों की सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
इंजन में तकनीकी समस्या सामने आने के बाद फ्लाइट क्रू ने जोखिम लेने के बजाय विमान को उसके प्रस्थान वाले एयरपोर्ट पर वापस लाने का निर्णय लिया। समय रहते इंजन बंद करने और विमान को सुरक्षित वापस लाने से किसी बड़े हादसे की स्थिति टल गई।
मुंबई एयरपोर्ट पर भी टला था बड़ा हादसा
इससे पहले जुलाई 2026 में मुंबई एयरपोर्ट पर एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विमान एक ही रनवे पर आमने-सामने आने की स्थिति में पहुंच गए थे। एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान लैंडिंग के बाद रनवे से पूरी तरह नहीं हटा था, जबकि दूसरी ओर एयर इंडिया का विमान उड़ान भरने के लिए तैयार था।
स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने तुरंत हस्तक्षेप किया और एयर इंडिया के विमान को टेकऑफ करने से रोक दिया गया। इस तरह एक संभावित बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया गया था।
