नई दिल्ली। संसद के राज्यसभा में गुरुवार देर रात विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB-G RAM G बिल पास कर दिया गया। यह बिल 20 साल पुरानी MGNREGA योजना की जगह लेगा और हर साल ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित करेगा।
हालांकि बिल के पारित होने के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया, राज्यसभा से वॉकआउट किया और बिल वापस लेने की मांग की। विरोध के दौरान विपक्षी सांसदों ने पन्ने फाड़ने की भी घटना को अंजाम दिया। बाद में वे संसद परिसर में संविधान सदन के बाहर 12 घंटे तक धरने पर बैठे और बिल को संसदीय पैनल के पास भेजने की मांग की।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यसभा में कहा कि यह बिल ग्रामीण रोजगार और भारत के विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुरानी MGNREGA योजना में UPA शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार और निधियों के अपव्यय की शिकायतें थीं।
शिवराज चौहान ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे महात्मा गांधी के आदर्शों को खत्म करने और राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है देश को विकसित राष्ट्र बनाना, इसके लिए गांवों का विकास बहुत जरूरी है।”
विपक्ष का कहना था कि बिल में MGNREGA से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया और यह राज्यों पर अत्यधिक वित्तीय बोझ डालता है। इसके बावजूद बिल को राज्यसभा में पास कर दिया गया।
