तेहरान, 6 जनवरी 2026 — ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में हिंसा ने भयावह रूप ले लिया है, जिसमें अब तक कम से कम 35 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं। यह जानकारी अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ (HRANA) ने मंगलवार को साझा की है।
📌 मरने वालों की ताज़ा स्थिति:
• मरने वालों में 29 प्रदर्शनकारी, चार बच्चे और दो ईरानी सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं।
• प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी झड़पें हुईं, जिससे कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
📍 कहाँ और क्यों फैल रहे हैं प्रदर्शन?
प्रदर्शन ईरान के कई शहरों और प्रांतों में फैल चुके हैं, जो अब तक 27 प्रांतों और 250 से अधिक स्थानों तक पहुंच चुके हैं।
ये प्रदर्शनों खराब होती अर्थव्यवस्था, उच्च महंगाई और राष्ट्रीय मुद्रा ‘रियाल’ के गिरते मूल्य के खिलाफ शुरू हुए थे, लेकिन अब ये सरकार-विरोधी बड़े आंदोलन का रूप ले चुके हैं।
🚓 सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया:
ईरानी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए ताकत का इस्तेमाल किया है, जिसमें लाइव गोलियाँ, आंसू गैस और अन्य नियंत्रण हथियारों का उपयोग शामिल है। इसके कारण कई प्रदर्शनकारी घायल और मारे जा रहे हैं।
🗣️ सरकारी रुख:
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों से संवाद की बात कही है, लेकिन साथ ही दंगाइयों पर कड़ी कार्रवाई की भी बात दोहराई है। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल जैसी विदेशी शक्तियाँ देश में अशांति फैला रही हैं।
🇺🇸 अमेरिका की चेतावनी और ईरान की प्रतिक्रिया:
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देश को चेतावनी दी थी कि यदि तेहरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा करता है, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। हालांकि उनके हस्तक्षेप के तरीके और समय पर स्पष्ट विवरण नहीं आया है। ईरान सरकार ने इस चेतावनी पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और पश्चिमी ताकतों पर आरोप लगाए हैं।
📍 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया:
इन घटनाओं के बीच भारत सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को ईरान में गैर-आवश्यक यात्रा से बचने की सलाह जारी की है और सुरक्षा की स्थिति पर सतर्क रहने का आग्रह किया है।
यह विरोध प्रदर्शन देश में सबसे बड़े स्तर के आंदोलनों में से एक बने हुए हैं और अब तक हिंसा और तनाव से माहौल और अधिक बिगड़ता जा रहा है। सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच जारी संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय ध्यान भी खींचा है।
