प्रयागराज। महाकुंभ 2025 के दौरान अपने धार्मिक रूप और बयानों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुईं हर्षा रिछारिया एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है उनका बड़ा फैसला। हर्षा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट कर ऐलान किया है कि वह जिस धर्म के रास्ते पर चलने का संकल्प लेकर आगे बढ़ी थीं, अब उसे पूरी तरह विराम दे रही हैं और अपने पुराने पेशे में वापसी करेंगी।
हर्षा ने वीडियो में कहा कि बीते एक साल से वह लगातार विरोध, आलोचना और चरित्र हनन का सामना कर रही हैं। उन्होंने बताया कि धर्म के मार्ग पर चलने के बाद वह आर्थिक रूप से भी परेशान हो गईं और आज उन्हें उधारी में जीवन गुजारना पड़ रहा है।
वीडियो में हर्षा कहती हैं,
“जय श्री राम, प्रयागराज महाकुंभ-2025 से शुरू हुई यह कहानी अब खत्म हो रही है। अब बस बहुत हुआ, अब और नहीं सहना। एक साल से मेरे चरित्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं। जो कुछ भी मैं धर्म के मार्ग पर रहकर करना चाहती थी, उसका लगातार विरोध हुआ।”
उन्होंने भावुक अंदाज़ में कहा,
“मैं सीता नहीं हूं, जो हर बार अग्नि परीक्षा दूं। मैंने जितनी परीक्षाएं देनी थीं, दे चुकी हूं। अब आप अपना धर्म अपने पास रखिए।”
हर्षा ने बताया कि मौनी अमावस्या के दिन वह माघ मेले में अंतिम स्नान करेंगी और उसी के साथ अपने धर्म के संकल्प को पूर्ण विराम देंगी। इसके बाद वह अपने पुराने पेशे में लौटेंगी।
उन्होंने कहा कि महाकुंभ में आने से पहले वह एंकरिंग किया करती थीं और उन्हें भारत से ज्यादा विदेशों में काम मिलता था, जिससे उनका जीवन अच्छे से चल रहा था। लेकिन धार्मिक जीवन अपनाने के बाद न तो काम मिला और न ही सम्मान, उल्टा उन्हें उधारी में रहना पड़ा।
हर्षा रिछारिया के इस ऐलान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग उनके फैसले का समर्थन कर रहे हैं तो कुछ सवाल भी उठा रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि महाकुंभ से चर्चा में आईं हर्षा ने एक बार फिर अपने इस फैसले से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
