मॉस्को/तेहरान। अमेरिका की तरफ से ईरान पर हमले की धमकी के बाद रूस ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अमेरिका का यह रवैया पूरी तरह गलत और खतरनाक है। अगर ईरान पर हमला हुआ तो इससे न सिर्फ मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा पर बुरा असर पड़ेगा।
रूस ने आरोप लगाया है कि ईरान में जो विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं, उनके पीछे सिर्फ देश की अंदरूनी परेशानियां ही नहीं हैं, बल्कि कुछ विदेशी ताकतें भी हालात बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। रूस का कहना है कि पश्चिमी देशों की पाबंदियों की वजह से ईरान की आर्थिक हालत खराब हुई, जिससे लोगों में गुस्सा बढ़ा और अब बाहरी ताकतें उसी का फायदा उठा रही हैं।
रूस ने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के दोस्तों को टैरिफ बढ़ाने की धमकी देकर डराने की कोशिश कर रहा है, जो एक तरह की ब्लैकमेलिंग है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लोगों के नाम सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा,
“विरोध जारी रखो, अपनी संस्थाओं पर कब्जा करो। अत्याचार करने वालों के नाम याद रखो, उन्हें बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। मदद जल्दी आ रही है।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि जब तक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई बंद नहीं होती, तब तक वह ईरान के अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं करेंगे। हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि उनकी “मदद” से क्या मतलब है, लेकिन इसे ईरान पर हमले की धमकी के तौर पर देखा जा रहा है।
रूस ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों से कहा है कि वे भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर रहें और सावधानी बरतें।
फिलहाल अमेरिका, ईरान और रूस के बीच बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है।
