मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। इसी दौरान खबर सामने आई कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत हमले में हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले को अंजाम देने के लिए इजरायल ने ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल का इस्तेमाल किया था, जिसे दुनिया की अत्याधुनिक और घातक मिसाइलों में गिना जाता है।
बताया जा रहा है कि Ali Khamenei की गतिविधियों पर लंबे समय से निगरानी रखी जा रही थी। 28 फरवरी को तेहरान के पाश्चर स्ट्रीट स्थित एक नेतृत्व परिसर में हाई लेवल बैठक के लिए उनके पहुंचने की जानकारी मिलने के बाद परिसर को निशाना बनाया गया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हमले में परिसर पर मिसाइल दागी गई, जिसमें खामेनेई समेत कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों की मौत हो गई। बताया गया कि इस ऑपरेशन में ‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल का इस्तेमाल किया गया था।
‘ब्लू स्पैरो’ मिसाइल को इजरायल की रक्षा कंपनी Rafael Advanced Defense Systems ने विकसित किया है। यह इजरायल की उन्नत एयर-लॉन्च मिसाइल प्रणाली का हिस्सा मानी जाती है।
इस मिसाइल का इस्तेमाल आमतौर पर मिसाइल डिफेंस सिस्टम के परीक्षण और संभावित बैलिस्टिक खतरों के अनुकरण के लिए किया जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसे F-15 Eagle लड़ाकू विमान से लॉन्च किया गया था।
ब्लू स्पैरो मिसाइल को अत्यधिक गति और सटीक निशाने के लिए जाना जाता है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- लंबाई लगभग 6.5 मीटर
- वजन करीब 1,900 किलोग्राम
- अधिकतम रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर
- लंबी दूरी से भी लक्ष्य पर सटीक हमला करने की क्षमता
यह मिसाइल पहले ऊपरी वायुमंडल की ओर तेजी से जाती है और फिर हाई स्पीड के साथ दोबारा नीचे आकर अपने लक्ष्य को निशाना बनाती है।
ब्लू स्पैरो मिसाइल हाई बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी का इस्तेमाल करती है, जिससे इसे रोकना काफी कठिन हो जाता है। लॉन्च होने के बाद इसकी रॉकेट मोटर इसे ऊंचाई तक ले जाती है और फिर यह तेज गति से लक्ष्य की ओर लौटती है।
इसमें लगे ऑनबोर्ड गाइडेंस सिस्टम के कारण यह लक्ष्य पर बेहद सटीक वार कर सकती है। इसकी तेज गति, ऊंचाई और Maneuverability के कारण एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने के लिए बहुत कम समय मिलता है।
मध्य पूर्व में बढ़ते इस सैन्य टकराव के बीच ऐसे उन्नत हथियारों का इस्तेमाल क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है।
