नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण से पहले राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। कांग्रेस ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को 9 से 11 मार्च के बीच सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पार्टी ने तीन लाइन का व्हिप जारी किया है।
कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होने जा रहा है और पहले तीन दिनों के दौरान सदन में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा और संभावित प्रस्ताव पर विचार किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व ने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से लोकसभा अध्यक्ष Om Birla को पद से हटाने की मांग से संबंधित नोटिस दिया गया है। माना जा रहा है कि इस प्रस्ताव पर अगले सप्ताह चर्चा हो सकती है।
विपक्ष ने अपने नोटिस में आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने सदन के संचालन में खुलकर भेदभाव किया है और विपक्ष को पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार यदि सदन में साधारण बहुमत से प्रस्ताव पारित हो जाता है, तो लोकसभा अध्यक्ष को पद से हटाया जा सकता है।
संविधान के अनुच्छेद 94 के तहत लोकसभा अध्यक्ष को हटाने की प्रक्रिया का प्रावधान है, जबकि अनुच्छेद 96 के अनुसार अध्यक्ष को सदन में अपना पक्ष रखने और अपना बचाव करने का अधिकार भी प्राप्त है।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के दौरान इस मुद्दे पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव की संभावना जताई जा रही है।
