नई दिल्ली/कांडला। वैश्विक ऊर्जा संकट और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय एलपीजी टैंकर जग वसंत 42,000 मीट्रिक टन से अधिक गैस लेकर सफलतापूर्वक कांडला पोर्ट पहुंच गया है।
यह खेप ऐसे समय में आई है जब युद्ध और तनाव के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर अनिश्चितता बनी हुई है।
‘जग वसंत’ का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। यह जहाज दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पार कर भारत पहुंचा।
ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव के चलते यह मार्ग जोखिम भरा बना हुआ है
कई देशों के जहाज इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं
भारत को ईरान से विशेष अनुमति मिलने के कारण यह टैंकर सुरक्षित निकल सका
इस पूरी यात्रा के दौरान भारतीय नौसेना के युद्धपोतों ने सुरक्षा प्रदान की।
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार:
LPG उतारने के लिए “मिड-सी ट्रांसफर” तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है
इसमें समुद्र में ही बड़े जहाज से गैस को छोटी इकाइयों या पाइपलाइन तक पहुंचाया जाता है
इससे समय की बचत होती है और सप्लाई तेजी से बाजार तक पहुंचती है
इस खेप के पहुंचने से:
LPG की कमी दूर होने की उम्मीद
कीमतों में स्थिरता आ सकती है
घरेलू सप्लाई जल्द सामान्य होगी
🇺🇸 ट्रंप के फैसले से भी राहत
इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अगले 10 दिनों तक ईरान के ऊर्जा ढांचे पर कोई हमला नहीं किया जाएगा।
इससे भारत को अपनी रुकी हुई ऊर्जा खेपों को तेजी से देश तक पहुंचाने का मौका मिला है।
‘जग वसंत’ का सुरक्षित भारत पहुंचना न केवल एक लॉजिस्टिक सफलता है, बल्कि मौजूदा वैश्विक संकट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक बड़ी उपलब्धि भी है। आने वाले दिनों में ऐसे और कदम देश को ऊर्जा संकट से राहत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
