अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान युद्ध को लेकर अपने सहयोगी देशों और सैन्य गठबंधन NATO पर तीखा हमला बोला है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने NATO को “कागज़ी शेर” करार देते हुए कहा कि इससे Vladimir Putin भी नहीं डरते।
ट्रंप ने आरोप लगाया कि ईरान के साथ संघर्ष के दौरान NATO सदस्य देशों ने अमेरिका की मदद करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, “हमने बस इतना कहा था कि अगर आप मदद करना चाहते हैं तो करें, लेकिन जवाब मिला—हम मदद नहीं करेंगे।”
Donald Trump ने Japan, South Korea और Australia जैसे सहयोगी देशों पर भी मदद न करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि इन देशों की सुरक्षा के लिए अमेरिका अपने हजारों सैनिक तैनात करता है, लेकिन संकट के समय उन्हें अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
ट्रंप ने Kim Jong Un के साथ अपने संबंधों को “बहुत अच्छा” बताते हुए कहा कि उत्तर कोरिया के खतरे के बावजूद अमेरिका अपने सहयोगियों की सुरक्षा करता है।
ट्रंप ने संकेत दिया कि NATO के साथ मतभेद की शुरुआत Greenland को लेकर उनके प्रस्ताव से हुई थी। उन्होंने कहा कि जब उनके इस प्रस्ताव को खारिज किया गया, तभी से रिश्तों में खटास आ गई।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब NATO के महासचिव Mark Rutte जल्द ही वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। इस मुलाकात से पहले ट्रंप का यह कड़ा रुख वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है।
ईरान युद्ध के मुद्दे पर अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बीच बढ़ती दूरी साफ नजर आ रही है। ट्रंप के इस बयान ने NATO की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आने वाले समय में वैश्विक समीकरण बदलने के संकेत दिए हैं।
