China ने Iran और United States के बीच हुए युद्धविराम का स्वागत करते हुए कहा है कि वह शुरू से ही शांति और सीजफायर की वकालत करता रहा है। हालांकि, चीन ने इस बात की पुष्टि नहीं की कि उसने सीधे तौर पर किसी वार्ता में भूमिका निभाई है।
चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता Mao Ning ने कहा:
चीन लगातार शांति वार्ता और युद्धविराम का समर्थन करता रहा है
क्षेत्र में स्थिरता के लिए रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा
पाकिस्तान समेत अन्य देशों के प्रयासों का भी स्वागत किया
China और Pakistan ने मिलकर हाल ही में एक 5-पॉइंट प्रस्ताव आगे बढ़ाया, जिसमें शामिल हैं:
तत्काल संघर्षविराम
जल्द शांति वार्ता शुरू करना
नागरिक और गैर-सैन्य ठिकानों की सुरक्षा
Strait of Hormuz में सुरक्षित नौवहन
United Nations चार्टर का सम्मान
सूत्रों के अनुसार:
China, Iran का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है
ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार भी चीन ही है
युद्ध के कारण तेल सप्लाई और व्यापार प्रभावित हो रहा था
Strait of Hormuz में तनाव कम होना चीन के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इसी रास्ते से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया था कि चीन ने ईरान को सीजफायर के लिए मनाने में भूमिका निभाई, लेकिन बीजिंग ने इसे लेकर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की है।
China ने एक बार फिर खुद को शांति स्थापित करने वाले वैश्विक खिलाड़ी के रूप में पेश किया है। हालांकि, उसकी वास्तविक भूमिका कितनी अहम रही, यह अभी भी कूटनीतिक परतों में छिपा हुआ है।
