बीजिंग। China के रक्षा मंत्रालय ने Iran और United States के बीच हुए सीजफायर के बाद बड़ा बयान दिया है। चीन ने साफ तौर पर उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि उसने ईरान की सेना को अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी दी।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Zhang Xiaogang ने कहा कि इस तरह की खबरें “अटकलों और इशारों पर आधारित झूठी जानकारी” हैं। उन्होंने कहा कि चीन को निशाना बनाने वाले ऐसे आरोपों का वह कड़ा विरोध करता है।
प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमेशा से ईरान से जुड़े मामलों में “निष्पक्ष और तटस्थ” रुख अपनाता रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चीन ने कभी ऐसी किसी गतिविधि में हिस्सा नहीं लिया, जिससे किसी तरह का संघर्ष भड़क सकता हो।
अमेरिकी अखबार The Washington Post की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि कुछ चीनी निजी कंपनियां, जिनके संबंध पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़े बताए गए, युद्ध के दौरान अमेरिकी सेना की लोकेशन जैसी संवेदनशील खुफिया जानकारी बेच रही थीं।
इस बीच, Donald Trump ने दावा किया कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर कराने में चीन की अहम भूमिका रही। उन्होंने कहा कि चीन ने ही ईरान को बातचीत के लिए तैयार किया।
वहीं, इस संघर्ष में ईरान को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और Israel के हमलों में 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
चीन के इस बयान से साफ है कि वह खुद को इस पूरे विवाद में तटस्थ दिखाना चाहता है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आने वाले समय में इस मामले पर और खुलासे हो सकते हैं।
