हंगरी की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। टिस्जा पार्टी के नेता पीटर मैग्यार ने हालिया चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता परिवर्तन का रास्ता साफ कर दिया है। इसी बीच उन्होंने बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर एक कड़ा बयान दिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है।
मैग्यार ने साफ कहा है कि यदि नेतन्याहू हंगरी की जमीन पर आते हैं, तो उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। उन्होंने इस चेतावनी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला दिया है।
मैग्यार का कहना है कि हंगरी अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का सदस्य बना रहेगा और उसके नियमों का पालन करेगा। ICC ने वर्ष 2024 में नेतन्याहू और इजरायल के पूर्व रक्षा मंत्री योव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इन पर गाजा में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध के आरोप लगाए गए हैं।
ICC के नियमों के अनुसार, यदि किसी सदस्य देश में ऐसे व्यक्ति प्रवेश करते हैं जिनके खिलाफ वारंट जारी है, तो उन्हें हिरासत में लेना अनिवार्य होता है। इसी आधार पर मैग्यार ने यह सख्त रुख अपनाया है।
हाल ही में हुए चुनाव में पीटर मैग्यार की टिस्जा पार्टी ने शानदार जीत दर्ज की। 199 सीटों वाली संसद में उनकी पार्टी को 138 सीटें मिलीं, जबकि लंबे समय से सत्ता में रहे विक्टर ओर्बान की पार्टी को केवल 55 सीटों पर संतोष करना पड़ा। ओर्बान करीब 16 वर्षों से हंगरी के प्रधानमंत्री थे।
हंगरी में सत्ता परिवर्तन के बाद नरेंद्र मोदी ने भी पीटर मैग्यार को बधाई दी। उन्होंने दोनों देशों के बीच मजबूत रिश्तों और सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही।
मैग्यार का यह बयान केवल एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून और कूटनीति के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है। यदि नेतन्याहू किसी ICC सदस्य देश की यात्रा करते हैं, तो ऐसे हालात में गिरफ्तारी की संभावना वास्तविक हो सकती है।
कुल मिलाकर, हंगरी के नए नेतृत्व का यह रुख वैश्विक राजनीति में नई बहस को जन्म दे रहा है, जहां अंतरराष्ट्रीय कानून और राष्ट्रीय हितों के बीच संतुलन की चुनौती सामने है।
