पूर्वोत्तर भारत के मणिपुर में मंगलवार सुबह भूकंप के झटकों से लोग दहशत में आ गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सुबह 5:59 बजे 5.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया, जिसकी गहराई 62 किलोमीटर थी। भूकंप का केंद्र कामजोंग क्षेत्र में स्थित बताया गया है।
भूकंप के झटके केवल मणिपुर तक सीमित नहीं रहे, बल्कि नागालैंड, असम और मेघालय के कई इलाकों में भी महसूस किए गए। सुबह-सुबह आए इन झटकों से घबराकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।
फिलहाल इस भूकंप से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की कोई सूचना नहीं है, हालांकि प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
इधर, राज्य में पहले से ही तनावपूर्ण हालात बने हुए हैं। हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं और हत्याओं के विरोध में कई संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया गया है। इसका असर राज्य के जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है।
राजधानी इम्फाल समेत घाटी के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन हुए। विशेष रूप से मीरा पैबिस (महिला समूह) द्वारा बिष्णुपुर जिले में हुए बम हमले के विरोध में पांच दिवसीय बंद बुलाया गया है। इस हमले में एक पांच वर्षीय बच्चे और उसकी छह महीने की बहन की मौत हो गई थी, जबकि उनकी मां घायल हो गई थी।
इस घटना के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई और करीब 30 लोग घायल हुए। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों ने पास के सीआरपीएफ शिविर पर धावा बोलने की कोशिश की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों को कार्रवाई करनी पड़ी।
कुल मिलाकर, भूकंप के झटकों के साथ-साथ मणिपुर में सामाजिक और सुरक्षा हालात भी चिंता का विषय बने हुए हैं। प्रशासन दोनों ही स्थितियों से निपटने के लिए सतर्कता बरत रहा है।
