आगामी विधानसभा चुनावों और उपचुनावों से पहले चुनाव आयोग ने सख्ती बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। आयोग के मुताबिक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में अब तक 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैश, शराब, ड्रग्स और अन्य सामान जब्त किया जा चुका है।
आयोग ने बताया कि 15 मार्च 2026 को:
असम
केरल
पुडुचेरी
तमिलनाडु
पश्चिम बंगाल
में चुनावों की घोषणा की गई थी, जिसके साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू कर दी गई।
🚨 जब्ती के चौंकाने वाले आंकड़े (22 अप्रैल तक)
🟠 पश्चिम बंगाल
कुल जब्ती: 472.89 करोड़ रुपये
नकद: 27.48 करोड़
शराब: 39.31 लाख लीटर (102.45 करोड़ रुपये)
ड्रग्स: 108.11 करोड़
कीमती धातु: 55.88 करोड़
अन्य सामान: 178.83 करोड़
🔵 तमिलनाडु
कुल जब्ती: 599.24 करोड़ रुपये
नकद: 100.19 करोड़
शराब: 1.17 लाख लीटर (3.85 करोड़ रुपये)
ड्रग्स: 76.72 करोड़
कीमती धातु: 159.31 करोड़
अन्य सामान: 259.14 करोड़
🔢 कुल मिलाकर
1072.13 करोड़ रुपये की जब्ती
नकद: 127.67 करोड़
शराब: 40.49 लाख लीटर
ड्रग्स: 184.83 करोड़
कीमती धातु: 215.19 करोड़
अन्य सामान: 437.97 करोड़
पश्चिम बंगाल में शराब की जब्ती ज्यादा हुई
तमिलनाडु में नकदी ज्यादा पकड़ी गई
👮♂️ सख्त निगरानी व्यवस्था
5,011 फ्लाइंग स्क्वॉड टीमें (FST) तैनात
5,363 स्टैटिक सर्विलांस टीमें (SST) सक्रिय
शिकायत मिलने के 100 मिनट के भीतर कार्रवाई का लक्ष्य
साथ ही, चुनाव जब्ती प्रबंधन प्रणाली (ESMS) को 26 फरवरी 2026 से लागू किया गया है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिए हैं कि:
चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हों
किसी तरह की हिंसा, डर या लालच की स्थिति न बने
आयोग ने स्पष्ट किया है कि:
जांच के दौरान आम लोगों को परेशान न किया जाए
हर जिले में शिकायत निवारण समितियां बनाई गई हैं
C-Vigil ऐप के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है
चुनाव आयोग की सख्ती का असर साफ दिखाई दे रहा है। बड़ी मात्रा में कैश, शराब और अन्य सामग्री की जब्ती यह दर्शाती है कि चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए व्यापक स्तर पर निगरानी की जा रही है।
