ईरान के साथ लगभग सात हफ्तों तक चले संघर्ष के बाद अमेरिका की सैन्य क्षमता को लेकर नए सवाल उठने लगे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस युद्ध में अमेरिका के मिसाइल और गोला-बारूद के भंडार में भारी कमी आई है।
📉 50% तक घटा हथियारों का स्टॉक
मीडिया रिपोर्ट्स (CNN और Associated Press) के विश्लेषण के अनुसार:
- प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइलों का लगभग 45% इस्तेमाल
- THAAD का कम से कम आधा स्टॉक खत्म
- Patriot Missile System इंटरसेप्टर का करीब 50% उपयोग
इससे अमेरिकी सैन्य भंडार पर बड़ा दबाव पड़ा है।
🪖 पेंटागन ने भी मानी कमी
पेंटागन ने स्वीकार किया है कि युद्ध के दौरान गोला-बारूद का स्तर “चिंताजनक रूप से” घटा है।
अधिकारियों के मुताबिक, सेना को हमेशा “मैगज़ीन डेप्थ” यानी हथियारों का भंडार मजबूत रखना होता है।
💰 2027 के लिए बड़ा रक्षा बजट प्रस्ताव
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन 2027 के लिए रक्षा बजट को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की योजना बना रहा है।
प्रमुख प्रस्ताव:
- ड्रोन और संबंधित तकनीक पर खर्च तीन गुना बढ़ाकर 74 अरब डॉलर
- गोला-बारूद (मिसाइल इंटरसेप्टर सहित) के लिए 30 अरब डॉलर+
- सैन्य ड्रोन के लिए करीब 54 अरब डॉलर
- काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए 21 अरब डॉलर
विशेषज्ञों का मानना है कि
- आधुनिक युद्ध में ड्रोन की भूमिका तेजी से बढ़ी है।
- ईरान संघर्ष और यूक्रेन युद्ध में ड्रोन का व्यापक इस्तेमाल
- सस्ते ड्रोन को गिराने के लिए महंगे मिसाइल सिस्टम का उपयोग
- इससे अमेरिका अब ड्रोन और एंटी-ड्रोन तकनीक पर भारी निवेश कर रहा है।
🚢 हथियार खरीद में बड़ी बढ़ोतरी
- टोमहॉक क्रूज मिसाइल की खरीद: 55 से बढ़ाकर 785
- लंबी दूरी की मिसाइलों और मिड-रेंज सिस्टम पर जोर
- नौसेना और एयर डिफेंस को मजबूत करने की योजना
👨✈️ सेना विस्तार की योजना
- करीब 44,500 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती का प्रस्ताव
- अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर 2 अरब डॉलर से अधिक खर्च की योजना
ईरान के साथ संघर्ष ने साफ कर दिया है कि आधुनिक युद्ध में संसाधनों की खपत बहुत तेज होती है।
अमेरिका अब अपने घटते सैन्य भंडार की भरपाई और भविष्य की तैयारी के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करने की दिशा में बढ़ रहा है।
