पाकिस्तान में बढ़ती महंगाई के बीच अब ईंधन संकट ने आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कराची के कुछ इलाकों में लोग खाना पकाने वाली गैस को प्लास्टिक के गुब्बारों में भरकर स्टोर करने लगे हैं।
ARY News की रिपोर्ट के अनुसार, कराची के ओरंगी टाउन इलाके में गैस की अनियमित सप्लाई के चलते लोग इस खतरनाक तरीके को अपनाने पर मजबूर हैं। खास डिजाइन वाले प्लास्टिक गुब्बारों में गैस भरकर दिनभर के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। स्थानीय बाजारों में ये गुब्बारे 1000 से 1500 रुपये तक में मिल रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि गैस की कमी के कारण रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा, इसलिए वे इस अस्थायी और जोखिम भरे तरीके का सहारा ले रहे हैं।
विशेषज्ञों ने इस तरीके को बेहद खतरनाक बताया है। उनका कहना है कि गैस से भरे ये प्लास्टिक गुब्बारे “चलता-फिरता बम” साबित हो सकते हैं। हल्की सी चिंगारी, गर्मी या रगड़ से भी इनमें धमाका हो सकता है, जिससे घनी आबादी वाले इलाकों में बड़े हादसे का खतरा है।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने गैस सप्लाई करने वाली कंपनियों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि इस खतरनाक चलन को रोका जा सके और लोगों को सुरक्षित विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऊर्जा संकट के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात भी एक बड़ी वजह हैं। ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर पाकिस्तान जैसे देशों पर भी पड़ रहा है।
कुल मिलाकर, यह स्थिति न सिर्फ आर्थिक संकट को दर्शाती है, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा बनती जा रही है।
