देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून के सेलाकुई स्थित आद्यशक्ति श्री माता वैष्णो देवी धाम सेवा समिति द्वारा आयोजित मां भगवती जागरण में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने मां भगवती की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की आध्यात्मिक पहचान, सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपराओं को सुरक्षित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 के बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पुनर्जागरण हुआ है।
उन्होंने राम मंदिर अयोध्या के निर्माण को भारत की आस्था और स्वाभिमान की पुनर्स्थापना बताया। साथ ही काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक, केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण और बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 22 अप्रैल से शुरू हुई चारधाम यात्रा में अब तक लाखों श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो उत्तराखंड के प्रति आस्था को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वर्ष 2024 से शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की है, जिससे सालभर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
सीएम धामी ने आदि कैलाश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के दौरे के बाद यहां पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हुई है, जिससे सीमांत क्षेत्रों को नई पहचान मिली है।
उन्होंने दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे यात्रा समय कम होगा और पर्यटन व व्यापार को गति मिलेगी। साथ ही हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजना को भी महत्वपूर्ण बताया, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार “विकल्प रहित संकल्प” के साथ विकास और विरासत दोनों को समान प्राथमिकता दे रही है। सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण, धार्मिक स्थलों के विकास और पर्यावरण संतुलन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में सहदेव सिंह पुंडीर समेत कई जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
