वॉशिंगटन/तेहरान। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी के बावजूद ईरान जल्द झुकने वाला नहीं है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के एक गोपनीय आकलन में दावा किया गया है कि ईरान कम से कम तीन से चार महीने तक अमेरिकी दबाव और आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करने की क्षमता रखता है।
यह आकलन अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे से अलग माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि तेल निर्यात रुकने के बाद ईरान जल्दी ही समर्पण करने पर मजबूर हो जाएगा।
अमेरिकी अखबार Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, CIA और अन्य अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की हालिया रिपोर्ट व्हाइट House को सौंपी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि आर्थिक दबाव बढ़ने के बावजूद ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता अभी भी काफी मजबूत बनी हुई है।
खुफिया आकलन के मुताबिक, ईरान के पास युद्ध से पहले मौजूद मोबाइल मिसाइल लॉन्चरों का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा और मिसाइल भंडार का करीब 70 प्रतिशत अब भी सुरक्षित है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान लंबे समय तक संघर्ष जारी रखने की स्थिति में है।
CIA की रिपोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस दावे पर भी सवाल खड़े किए हैं, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नाकेबंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से चरमरा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 13 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट के बाहर नौसैनिक नाकेबंदी लागू करते हुए कहा था कि ईरान के तेल भंडार तेजी से भर रहे हैं और अगर उसने उत्पादन कम नहीं किया तो उसके तेल कुओं और पाइपलाइनों को भारी नुकसान हो सकता है।
हालांकि, अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने हालात से निपटने के लिए वैकल्पिक रणनीति तैयार कर ली है। रिपोर्ट के अनुसार, तेहरान अतिरिक्त तेल को समुद्र में खड़े टैंकरों में स्टोर कर रहा है और तेल उत्पादन को नियंत्रित गति से जारी रख रहा है, ताकि तेल कुओं को नुकसान न पहुंचे।
Washington Post के मुताबिक, कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान की वास्तविक सहन क्षमता CIA के अनुमान से भी ज्यादा हो सकती है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ईरानी नेतृत्व पहले की तुलना में अधिक संगठित, कट्टर और लंबे संघर्ष के लिए तैयार दिखाई दे रहा है।
इजरायली सैन्य खुफिया के पूर्व अधिकारी Danny Citrinowicz ने भी चेतावनी दी कि केवल आर्थिक नाकेबंदी के जरिए ईरान को झुकाना आसान नहीं होगा। उनके अनुसार, तेहरान को विश्वास है कि वह अमेरिका की राजनीतिक इच्छाशक्ति से ज्यादा समय तक टिक सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा संघर्ष आगे चलकर रणनीतिक रूप से अमेरिका और इजरायल के लिए उल्टा पड़ सकता है।
