उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में पर्यटन विभाग की समीक्षा बैठक कर विभाग की विभिन्न योजनाओं और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार है, इसलिए विभाग अगले पांच वर्षों के लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करे, ताकि निर्धारित परिणामों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
मुख्य सचिव ने पर्यटन उत्पादों के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रभावी प्रचार के बिना पर्यटन क्षेत्र में तय लक्ष्यों को प्राप्त करना आसान नहीं होगा। उन्होंने पर्यटन विभाग को प्रचार-प्रसार के लिए वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सुझाव दिया कि नीती घाटी में आयोजित नीती एक्स्ट्रीम अल्ट्रा रन, आदि कैलाश हाई एल्टीट्यूड मैराथन, रिवर राफ्टिंग फेस्टिवल और विंटर कार्निवल जैसे आयोजनों की तर्ज पर राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी हर वर्ष तय समय पर पर्यटन आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। उनका कहना था कि ऐसे आयोजन राज्य की पहचान मजबूत करने के साथ-साथ पर्यटकों को आकर्षित करने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।
मुख्य सचिव ने पर्यटन विकास के लिए अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए पर्यटन सर्किट और पर्यटन स्थलों के विकास के साथ-साथ आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का भी विस्तार किया जाए। इसके अलावा होटल, हॉस्पिटैलिटी और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार नए पर्यटन स्थलों का विकास किया जाए और समावेशी एवं टिकाऊ पर्यटन मॉडल अपनाकर राज्य के सभी क्षेत्रों में संतुलित विकास सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में युवाओं को पेशेवर पर्यटन गाइड के रूप में प्रशिक्षित करने पर भी विशेष बल दिया गया। मुख्य सचिव ने कहा कि गाइड प्रशिक्षण को संस्थागत स्वरूप दिया जाए और इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (IHM) जैसे संस्थानों का उपयोग किया जाए। प्रशिक्षण इस स्तर का हो कि युवा उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि देश और विदेश में भी रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकें।
उन्होंने वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने और बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य में उपयुक्त स्थानों पर ग्लैंपिंग (लक्जरी कैंपिंग) परियोजनाएं विकसित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल, अपर सचिव अभिषेक रोहिला सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
