ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस प्रस्ताव की तीखी आलोचना की है, जिसमें अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी संपत्तियों का उपयोग समुद्री हमलों से हुए नुकसान की भरपाई के लिए करने की बात कही गई है। अरागची ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था के लिए “खतरनाक और भड़काऊ मिसाल” बताया है।
सोशल मीडिया मंच X पर जारी अपने बयान में अरागची ने कहा कि किसी देश की संपत्तियों को भविष्य में किसी अन्य और असंबंधित दावों के भुगतान के लिए जब्त करना अंतरराष्ट्रीय नियमों को कमजोर करेगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकारें इस तरह की कार्रवाई को सामान्य बना देंगी तो दुनिया में किसी भी देश या संस्था की संपत्ति सुरक्षित नहीं रह जाएगी।
अरागची ने लिखा, “किसी दूसरे देश की संपत्ति को भविष्य के असंबंधित दावों के भुगतान के लिए जब्त करना एक खतरनाक मिसाल है। यदि संपत्तियों की जब्ती को सामान्य बना दिया गया, तो वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में अस्थिरता और अराजकता बढ़ेगी।”
ट्रंप ने क्या कहा था?
अरागची की प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि भविष्य में जहाजों, माल या अन्य समुद्री संपत्तियों को होने वाले नुकसान की भरपाई अमेरिका के पास मौजूद ईरानी धन से की जाएगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा था कि अब से समुद्री हमलों से होने वाले सभी नुकसान की भरपाई अमेरिका के नियंत्रण में मौजूद ईरानी फंड से की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नुकसान की राशि “बहुत बड़ी” हो सकती है, लेकिन इसे उन्होंने “न्यायसंगत और उचित” कदम बताया।
लाल सागर में हमलों के बाद बढ़ा तनाव
ट्रंप का यह बयान लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों पर हुए हमलों के बाद आया। यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी। संगठन के प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि उनके लड़ाकों ने ENCELIA और LAYLA नामक दो सऊदी टैंकरों को निशाना बनाया।
सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ENCELIA जहाज बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरते समय हमले का शिकार हुआ, जिससे उसके अगले हिस्से में आग लग गई।
ईरान पर भी लगाए गए आरोप
अमेरिका का आरोप है कि ईरान, हूती विद्रोहियों को समर्थन देता है और होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए खतरा पैदा कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में हूती विद्रोही किसी भी समुद्री जहाज पर हमला करते हैं, तो उसकी जिम्मेदारी सीधे ईरान पर डाली जाएगी।
कितनी है ईरान की जब्त संपत्ति?
ईरान लंबे समय से अमेरिका और अन्य देशों में फ्रीज की गई अपनी संपत्तियों को वापस दिलाने की मांग करता रहा है। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, विदेशों में जमी ईरानी संपत्तियों का अनुमान 124 अरब डॉलर से 167 अरब डॉलर के बीच लगाया जाता है। हालांकि, इन संपत्तियों का सटीक मूल्य सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है, क्योंकि ये अलग-अलग देशों और वित्तीय संस्थानों में रखी गई हैं।
ट्रंप के हालिया बयान और ईरान की तीखी प्रतिक्रिया के बाद पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
