देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक जनसमस्या का समाधान संवेदनशीलता, पारदर्शिता और निर्धारित समय-सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनहित और सुशासन के सिद्धांतों पर कार्य कर रही है तथा आम जनता की समस्याओं का त्वरित और प्रभावी समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन की जवाबदेही तभी सार्थक होगी, जब नागरिकों की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत की गंभीरता से जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ताओं को उनके मामलों की प्रगति से भी समय-समय पर अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना सरकार का दायित्व है और सभी अधिकारी जनसेवा की भावना से कार्य करते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जन शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए और नागरिकों को समय पर राहत उपलब्ध कराई जाए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने गढ़वाल आयुक्त आनंद स्वरूप और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मामलों का समाधान जिला या विभागीय स्तर पर संभव है, उनका तत्काल निपटारा किया जाए, जबकि उच्च स्तर पर निर्णय अपेक्षित मामलों को बिना विलंब संबंधित विभागों को भेजा जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जनसुनवाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय और राहत उपलब्ध कराना है।
