पौड़ी/श्रीनगर:
श्रीनगर–पौड़ी मोटर मार्ग, जो राष्ट्रीय राजमार्ग 119 का हिस्सा है, पर हाल ही में कराया गया डामरीकरण लोगों के लिए राहत की जगह परेशानी बन गया है। यह काम करीब 3–4 महीने पहले चन्दोला राई (पौड़ी) से श्रीनगर की ओर शुरू हुआ था, लेकिन कई बार रुकने के बाद अब जाकर लगभग पूरा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की फाइनल कोटिंग बेहद खराब है। डामर बिछाने के बाद भी सड़क की सतह चिकनी नहीं हो पाई है और जगह-जगह जोड़ साफ दिखाई दे रहे हैं। सड़क अब भी उबड़-खाबड़ और खुरदरी बनी हुई है।
सबसे हैरानी की बात यह है कि इस डामरीकरण में पूरा पौड़ी–श्रीनगर मार्ग शामिल ही नहीं किया गया।
खण्डाह से श्रीनगर तक का हिस्सा बिना डामरीकरण के छोड़ दिया गया।
विद्या नर्सरी से गडोली (स्पाइस इज नाइस रेस्टोरेंट) तक का हिस्सा भी काम में शामिल नहीं किया गया।
डामरीकरण के बाद भी कई जगहों पर सड़क पर कंकरीट और बिटुमेन का मिश्रण फैला हुआ है, जिससे वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि इससे रोजाना दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है।
सड़क पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि भविष्य में प्रस्तावित सड़क चौड़ीकरण को देखते हुए अभी डामरीकरण आधा-अधूरा ही किया गया है।
यह सड़क जनपद पौड़ी की सबसे अहम सड़कों में से एक है, जो जनपद मुख्यालय को श्रीनगर से जोड़ती है। रोजाना सैकड़ों सरकारी कर्मचारी, छात्र और आम लोग इसी रास्ते से सफर करते हैं। इसके अलावा शासन-प्रशासन के वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, लेकिन कोई भी इस बदहाल स्थिति पर ध्यान नहीं दे रहा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदार ने सिर्फ औपचारिकता निभाकर और बजट खर्च दिखाकर आधा-अधूरा डामरीकरण कर दिया है, जिससे लोगों को राहत के बजाय परेशानी झेलनी पड़ रही है।
