देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उत्तराखंड की कानून व्यवस्था को पूरी तरह चरमराई हुई बताते हुए राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस कानून-व्यवस्था संभालने के बजाय “जमीनों के धंधे में लगी हुई है।”
गोदियाल ने यह आरोप हाल ही में मुख्यमंत्री के गृह जनपद उधमसिंह नगर के काशीपुर से सामने आए किसान सुखवंत सिंह के आत्महत्या मामले को लेकर लगाए। किसान ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो जारी कर बताया कि उसके साथ चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। वीडियो में उसने काशीपुर थाने के प्रभारी और एसपी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि शिकायत लेकर जाने पर पुलिस ने उल्टा दूसरे पक्ष का साथ दिया, पैसे लेकर मामला दबाया गया और उसे लगातार डराया-धमकाया गया।
उन्होंने कहा कि सुखवंत सिंह पुलिस के इस रवैये से पूरी तरह टूट चुके थे और इसी निराशा में उन्होंने जान दे दी। गोदियाल ने इसे “उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन के माथे पर कलंक” करार देते हुए कहा,
“हम पिछले दो-तीन वर्षों से कह रहे हैं कि प्रदेश की स्थिति भयावह होती जा रही है। जागिए सरकार, जागिए। यह पाप आपको कभी माफ नहीं करेगा।”
गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पीड़ित परिवार की अनदेखी कर बड़े और रसूखदार लोगों का साथ दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि “कल मुख्यमंत्री ने अंकिता के माता-पिता की बात न सुनकर दूसरी तरफ से संज्ञान लेकर सिफारिश की, जो अपराधियों को बचाने का षड्यंत्र प्रतीत होता है।”
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने चेतावनी दी कि यह उत्तराखंड पुलिस का नया कारनामा नहीं है। उन्होंने कहा कि हरिद्वार पुलिस के मामलों को लेकर भी कांग्रेस जल्द सबूतों के साथ सामने आएगी।
